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कारगिल विजय दिवस: सरकारी स्कूलों में सैनिकों के बच्चों की फीस होगी माफ 

Wed, 26 Jul 2017 09:35 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 26 Jul 2017 09:35 PM IST
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kargil vijay diwas 2017soldiers Childrens school fee will be forgiven
kargil vijay diwas

कारग‌िल व‌‌िजय द‌िवस के मौके पर सीएम ‌त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सैन‌िकों के पर‌िवारों को सौगात दी है। लेफ्टिनेंट जनरल ओपी कौशिक ने कहा कि उनकी मुख्यमंत्री से कुछ मांगों को लेकर वार्ता हुई है।

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सीएम से सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे सैनिकों के बच्चों की फीस माफ करने के लिए कहा गया है। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि 15 अगस्त को इसकी घोषणा की जाएगी। 
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कर्नल राजकुमार चंद (सेवानिवृत्त) ने कहा कि कारगिल युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देने वाले 37 वीर सपूतों को सम्मानित किया गया। जिसमें दो को महावीर चक्र, नौ को वीर चक्र, 15 को सेना मेडल और 11 को मेंसन-इन-डिस्पैच पदक दिया गया। 
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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बुधवार को गांधी पार्क में कारगिल शहीद स्मारक पर शहीदों को पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि कारगिल का युद्ध सामरिक दृष्टि से विषम परिस्थितियों में लड़ा गया। इसके बावजूद सैनिकों ने पराक्रम और साहस का परिचय देते हुए अपनी भूमि से दुश्मनों को खदेड़ा। 

समारोह में मुख्यमंत्री ने सैनिकों एवं शहीद परिजनों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि सैनिकों एवं उनके परिवारों के कल्याण के लिए राज्य सरकार कृतसंकल्प है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर सैनिकों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए 26 जुलाई 1999 को कारगिल पर विजय प्राप्त कर भारतीय सैन्य शक्ति का परचम लहराया। 

युद्ध में 525 सैनिक शहीद हुए

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उन्होंने कहा कि द्रास, टाईगर हिल, बटालिक में शत्रुओं ने छद्म रूप से घुसकर भारतीय सेना पर वार करना शुरू कर दिया था, लेकिन हमारे सैनिकों ने विपरीत परिस्थितियों में भी पूरे पराक्रम एवं साहस के साथ सुनियोजित तरीके से दुश्मनों को खदेड़ा। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार वीर सपूतों की शहादत का सम्मान करती है। कारगिल युद्ध में जीओसी-इन-सी रहे लेफ्टिनेंट जनरल ओपी कौशिक ने कहा कि कारगिल युद्ध में राजपूताना रायफल ने सबसे पहले अटैक किया। युद्ध में 525 सैनिक शहीद हुए। इसमें उत्तराखंड से 75 सैनिक थे। ब्रिगेडियर केजी बहल ने कहा कि शहीद के परिजनों के लिए कई घोषणाएं की जाती है, लेकिन इस पर अमल नहीं होता। 

इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने दूधली निवासी सेना मेडल से सम्मानित कैप्टन मनीष बोरा के पिता चंद्र सिंह बोरा, माता दीपा बोरा, कैप्टन खीम सिंह मनोला, ऑनरी कैप्टन बिशन सिंह कन्याल, वीर चंद्र से सम्मानित कुंवर सिंह, सेना मेडल से सम्मानित एसएस रजवार, सीएस बिष्ट, देवी प्रसाद, सूबेदार बाबूराम शर्मा, लक्ष्मण थापा सहित कई वीर नारियों और शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया। 

समारोह में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, विधायक गणेश जोशी, विधायक खजान दास, विधायक विनोद चमोली, लेफ्टिनेंट जनरल टीपीएस रावत (सेवानिवृत्त) निदेशक सैनिक कल्याण ब्रिगेडियर केबी चंद, जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन, एसएसपी निवेदिता कुकरेती आदि मौजूद रहे।   

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