जेएनयू हिंसा और छात्रों से मारपीट पर बोले कपिल सिब्बल- देश के टुकड़े-टुकड़े करना चाहती है बीजेपी
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पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेसी नेता कपिल सिब्बल ने जेएनयू में हुई हिंसा और छात्रों के साथ मारपीट के लिए केंद्र की भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए इसे बड़ी साजिश करार दिया है। उन्होंने जेएनयू के कुलपति और दिल्ली पुलिस के कमिश्नर ऑफ पुलिस को बर्खास्त करने की मांग करते हुए इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की भी मांग की है।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के स्टिंग मामले की सुनवाई में मंगलवार को हाईकोर्ट पहुंचे सिब्बल ने हाईकोर्ट से निकलने के बाद पत्रकारों से बातचीत की। आरोप लगाया कि वर्ष 2014 से जब से यह सरकार आई है, तभी से विश्वविद्यालय को राजनीति का अड्डा बनाने की कोशिश हो रही है। एबीवीपी के लोग पहले भी विश्वविद्यालय के अंदर गए थे। उस समय भी कुछ लोगों ने मास्क पहना था। सरकार को अब तक पता नहीं चला वह कौन लोग थे, जो पहले मास्क पहन कर विश्वविद्यालय के भीतर गए और फिर उन्होंने टुकड़े-टुकड़े गैंग की बात की थी।
पूर्व मंत्री सिब्बल बोले, बीजेपी देश को टुकड़े-टुकड़े करना चाहती है, वही टुकड़े-टुकड़े गैंग हैं। उन्होंने सवाल किया कि जेएनयू के बाहर पुलिस फोर्स के होते हुए नकाबपोश विश्वविद्यालय के अंदर कैसे घुस गए। विवि के अंदर जाने के लिए अनुमति किसने दी और विश्वविद्यालय के भीतर से किसका फोन आया कि उन्हें अंदर आने दिया जाए।
सिब्बल ने सवाल किया कि जब मास्क लगाए लोग विवि के भीतर चले गए तो वहां के कुलपति ने क्या किया? क्या कुलपति ने पुलिस कमिश्नर को फोन किया। एक घंटे तक हिंसा होती रही। वीसी एवं पुलिस कमिश्नर क्या कर रहे थे। वीसी ने गृह मंत्री तक को फोन नहीं किया। आरोपी तो छात्र थे, सच्चाई क्या है। इसकी जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जांच कौन करेगा। यही लोग करेंगे, जिन्होंने इस हिंसा को अंजाम दिया और जब जांच यही लोग करेंगे तो नतीजा क्या होगा, यह पूरा देश जानता है। पूर्व मंत्री ने कहा कि इस मामले में सबसे पहले कुलपति को बर्खास्त करना चाहिए, फिर पुलिस कमिश्नर को, क्योंकि उनकी देखरेख में जब पुलिस बाहर खड़ी थी तब क्या हो रहा था।
पुलिस की मौजूदगी में वहां आ रही एंबुलेंस की हवा निकाली जा रही थी, ताकि एंबुलेंस अंदर न जा सके और पीड़ितों को अस्पताल नहीं ले जाया जा सके।उन्होंने आरोप लगाया कि जहां-जहां सरकार की तानाशाही के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन हो रहे हैं, वहां सरकार प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट कर भय का वातावरण बना रही है। वार्ता के दौरान पूर्व दर्जा राज्यमत्री डॉ. रमेश पांडे, धीरज बिष्ट आदि भी मौजूद थे।