कांवड़ यात्रा स्थगित: ट्रेनों से आने वाले कांवड़ियों को शटल बसों से भेजेंगे वापस
ट्रेनों से हरिद्वार और आसपास के स्टेशनों पर उतरने वाले शिवभक्तों को बसों से वापस बॉर्डर पर छोड़ा जाएगा।
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कोरोना संक्रमण के चलते स्थगित की गई कांवड़ यात्रा के बाद भी यदि शिवभक्त कांवड़ लेने के लिए ट्रेनों से हरिद्वार आते हैं तो उनको वापस भेजने के लिए सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने शटल बसों की व्यवस्था की है।
ट्रेनों से हरिद्वार और आसपास के स्टेशनों पर उतरने वाले शिवभक्तों को बसों से वापस बॉर्डर पर छोड़ा जाएगा। हर रेलवे स्टेशन पर शटल बसें खड़ी हो गई हैं। हरिद्वार से लेकर देहरादून तक कुल 28 शटल बसें लगाई गई हैं।
उत्तराखंड सरकार ने कांवड़ यात्रा स्थगित की है। इसके बाद भी कांवडिए पुलिस को चकमा देकर हरिद्वार पहुंच रहे हैं। कांवडिए निजी वाहन, सार्वजनिक बसों और ट्रेनों से आ रहे हैं। ट्रेनों से हरिद्वार आने वाले यात्रियों के लिए 72 घंटे पूर्व आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट की अनिवार्यता के बाद अब कांवड़ियों को चिह्नित करने के लिए फोर्स लगा दी गई है।
यदि कांवड़िए ट्रेनों से हरिद्वार या आसपास स्टेशनों पर उतरे तो उनको शटल बसों से वहीं से वापस बॉर्डर तक छोड़ा जाएगा। प्रशासन ने इसकी व्यवस्था शुरू कर दी है। राजकीय रेलवे पुलिस प्रशासन ने हरिद्वार, देहरादून, रायवाला, पुराना ऋषिकेेश, योगनगरी ऋषिकेश, लक्सर, रुड़की, मोतीचूर रेलवे स्टेशन पर शटल बसों की व्यवस्था की है।
स्टेशनों पर की जा रही चेकिंग
कांवड़ियों को लेकर रुड़की, लक्सर, ज्वालापुर में पुलिस ने चेकिंग भी शुरू कर दी है। रुड़की में चेकिंग के दौरान युवाओं की एक टीम रविवार को जीआरपी के जवानों को मिली। जिसके बाद पुलिस ने उनसे पूछताछ की तो पता चला कि वह रुड़की में आर्मी भर्ती में शामिल होने के लिए आए हैं। जिसके बाद इन युवकों को जाने दिया गया।
स्टेशन - बस
हरिद्वार- 6
रुड़की- 4
लक्सर- 4
ज्वालापुर- 4
मोतीचूर- 2
पुराना ऋषिकेश- 2
योगनगरी ऋषिकेश- 2
रायवाला- 1
देहरादून- 2
रेलवे स्टेशनों पर शटल बसों को लगाया गया है। प्रत्येक स्टेशन पर कांवड़ लेेने के लिए आने वाले कांविड़यों को उतराया जाएगा। इसके साथ ही ट्रेन में बैठाकर वापस बॉर्डर पर भेजा जाएगा।
- मनोज कात्याल, एएसपी जीआरपी, रेलवे