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सोए कांवड़ियों के ऊपर से गुजरा वाहन, एक की मौत

Tue, 04 Aug 2015 08:11 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार Updated Tue, 04 Aug 2015 08:11 AM IST
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kanwar devotee died in road accident.

हरिद्वार-रुड़की राजमार्ग के किनारे सो रहे मुजफ्फरनगर के दो कांवड़ियों को एक भारी वाहन ने रौंद डाला। एक कांवड़िए की उपचार के दौरान मौत हो गई। जबकि दूसरे को हालत गंभीर होने पर रेफर कर दिया।

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चालक वाहन लेकर फरार होने में कामयाब रहा। पुलिस ने बवाल की आशंका को देखते हुए सुबह ही शव पोस्टमार्टम करवाकर मुजफ्फरनगर भेज दिया।

कुकड़ा निवासी (थाना नई मंडी, मुजफ्फरनगर) कांवड़ियों का एक दल ज्वालापुर क्षेत्र के रानीपुर झाल से कुछ दूरी पर पेट्रोल पंप के पास सोया हुआ था। सोमवार तड़के करीब तीन बजे मौके पर चीख-चीत्कार सुनकर सभी की नींद खुल गई। उनके दो साथी मोनू उर्फ मनोज (22, पुत्र आनंद) एवं चंद्रकिरण (पुत्र कबूल) बुरी तरह घायल थे।
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आनन-फानन में साथी कांवड़िए दोनों को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां मोनू की उपचार के दौरान मौत हो गई। जबकि चंद्रकिरण को लेकर वह मुजफ्फरनगर के लिए रवाना हो गए। सुबह छह बजे जिला अस्पताल से जब नगर कोतवाली को दुर्घटना का मैमो भेज गया तो ज्वालापुर पुलिस जिला अस्पताल पहुंची।

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बवाल से बचने को अस्पताल में रहा भारी पुलिस बल

kanwar devotee died in road accident.

घटना की सूचना पर अधिकारियों के कान खड़े हो गए। बवाल की आशंका पर जिला अस्पताल कैंपस में बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात कर दी। इसी बीच कांवड़िए का पंचनामा भर पुलिस ने पोस्टमार्टम भी करवा दिया और एंबुलेंस की व्यवस्था कर शव मुजफ्फरनगर के लिए रवाना कर दिया।

कोतवाली प्रभारी धीरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि किसी भारी वाहन ने कांवड़ियों को कुचला है। दल के बाकी कांवडिए दूर सोए हुए थे। जबकि मोनू फोरलेन के पास सोया हुआ था। कोई वाहन पंप कैंपस के अंदर से लौट रहा होगा या फिर सीधा जा रहा होगा तभी यह हादसा हुआ है। फिलहाल इस संबंध में मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। वाहन को कोई देख नहीं पाया था।

अन्य हादसों में ऐसी फुर्ती क्यों नहीं?
जब पुलिस की अपनी गर्दन फंसी होती है तब देखने में आता है कि प्रत्येक कार्य समय से पहले हो जाता है। अमूमन पंचनामा भरने में पुलिस घंटों लगा देती है। लेकिन कांवड़िए बवाल न मचा दे इस आशंका पर उन्होंने कांवड़िए का पंचनामा भर पोस्टमार्टम भी करवा दिया और शव उसके गांव को भी भेज दिया। पुलिस को यही फुर्ती हर घटना में दिखानी चाहिए।

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