कैलाशानंद के बर्थडे पर धर्म, सत्ता और मायानगरी का संगम
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दक्षिण काली पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद ब्रहमचारी महाराज के जन्मोत्सव पर धर्म और सत्ता का संगम दिखाई दिया। कार्यक्रम में महामंडलेश्वर, साधु-संत और राजनेताओं ने शिरकत की।
राज्यपाल डॉ. अजीज कुरैशी ने कहा कि वेदों के बताए रास्ते पर चलकर दुनिया का उद्धार हो सकता है। स्वामी कैलाशानंद ब्रह्मचारी महाराज ने सबका सेवक बनकर समाज की सेवा करने की बात कही।
स्वामी कैलाशानंद महाराज के 39वें जन्मदिन का भव्य कार्यक्रम प्रेमनगर आश्रम में आयोजित किया गया। इस अवसर पर 39 दीपक जलाकर महाराज के लिए दीर्घायु की कामना की गई वहीं उपस्थित महामंडलेश्वरों, साधु-संतो ने फूलों की वर्षा कर महाराज को जन्मदिन की बधाई दी।
मुख्य अतिथि प्रदेश के राज्यपाल डॉ. अजीज कुरैशी ने भी महाराज को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी। यूपी, हिमाचल और उत्तराखंड के कई मंत्रियों, सांसदों और विधायकों ने भी महाराज का स्वागत किया।
चारों धाम हों वेद धामः राज्यपाल
जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज, परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद मुनि, आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि, महामंडलेश्वर स्वामी दाती महाराज, स्वामी रसानंद महाराज, स्वामी नरेंद्र गिरि महाराज, जैन मुनि, साध्वी डॉ. प्राची के साथ ही बड़ी संख्या में महामंडेश्वर और साधू संतो ने महाराज को जन्मदिन की मुबारकबाद दी।
वहीं सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, तीरथ सिंह रावत, अजय भटट, मंत्री प्रसाद नैथानी, आदेश चौहान, प्रदीप बत्रा और विनोद बडथ्वाल ने भी महाराज का स्वागत करते हुए शुभकामनाएं दी।
मुख्य अतिथि डॉ. अजीज कुरैशी ने अपने संबोधन में कहा कि वह गंगा के लिए सारी उम्र काम करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया की सबसे पुरानी ज्ञान की पुस्तकों के बताए मार्ग पर चलकर दुनिया का कल्याण हो सकता है। वेदों की राह पर चलकर ही इसांनी समाज की स्थापना हो सकती है तभी भगवान राम का सपना साकार हो सकता है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के चारों धामों को वेद धाम घोषित किया जाना चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि वह आजीवन गाय, गंगा और हिमालय की रक्षा के लिए प्रयास करते रहेंगे। कैलाशानंद ब्रह्मचारी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वह सबकी ओर से मिले स्नेह के लिए बधाई देते हैं। उन्होंने कहा कि वह सबका सेवक बनकर समाज की सेवा करना चाहते हैं।