फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   kailas mansarovar yatra new route.

आस्था को चोट पहुंचाएगी कैलास मानसरोवर की नई राह

Fri, 26 Sep 2014 03:55 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 26 Sep 2014 03:55 PM IST
विज्ञापन
kailas mansarovar yatra new route.

केंद्र सरकार द्वारा कैलास मानसरोवर यात्रियों के लिए सिक्किम नाथुला दर्रा मार्ग की घोषणा करने का सेवानिवृत्त आईएएस सुरेंद्र सिंह पांगती ने विरोध किया है।

विज्ञापन


उनका दावा है कि यह यात्रा स्कंद पुराण के विपरीत है। कैलास यात्रियों को यदि सरकार यात्रा कराना चाहती है तो धारचूला से आगे 65 किलोमीटर मार्ग बनाने का प्रयास करे। इस मार्ग के बनने से यात्रियों को कम दूरी तय करनी पड़ेगी। साथ ही सामरिक दृष्टि से यह मार्ग सेना के काम भी आएगा।
विज्ञापन


पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में सेवानिवृत्त आईएएस और प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव ने तर्क दिया कि केंद्र सरकार यदि हिमाचल प्रदेश के किन्नौर घाटी के सिप्कीला दर्रे से यात्रा कराने की बात कर विचार करती तो यह यात्रियों के लिए काफी अच्छा हो सकता था।

विज्ञापन
विज्ञापन

...तो काफी लंबी हो जाएगी यात्रा

kailas mansarovar yatra new route.

यह मार्ग सिक्किम मार्ग का एक चौथाई होगा। अंग्रेजों ने इसी दर्रे से हिंदुस्तान-तिब्बत मार्ग का निर्माण कराया था। सिक्किम के नाथुला दर्रे से कैलास मानसरोवर यात्रा काफी लंबी (एक हजार किलोमीटर) होगी। बस से यात्रा करना यात्रियों को काफी भारी पड़ेगा। साथ ही आस्था पर कुठाराघात माना जाएगा।

उन्होंने कहा कि स्कंद पुराण मानस खंड के अध्याय 11 में लिखा है कि कैलास मानसरोवर यात्रा लोहाघाट से सरयू नदी के तट पर कूर्म शिला से है। हंस तीर्थ (गौरीगंगा तथा कालीगंगा के संगम स्थल जौलजीबी स्थित हंसेश्वर मंदिर) ब्रम्हाक पाल (बदरीनाथ) पितरों के पिंडदान के लिए कहा गया है।

इसी प्रकार गोमती और गरुड़ गंगा के संगम पर बैजनाथ से यात्रा होती है। पौड़ी जिले के ज्वाल्पा देवी में नयार नदी में स्नान करने से यह यात्रा पूरी होती है। धालचूला से मार्ग बनने पर पौराणिक और पर्यटन की दृष्टि से उत्तम होगा।

केंद्र और राज्य सरकार को इस पर विचार करना चाहिए। बता दें कि सुरेंद्र सिंह पांगती सेना में कैप्टन भी रह चुके हैं। उत्तराखंड में पर्यटन निदेशक भी रह चुके हैं। इस कारण उन्हें रास्ते का सामरिक, पर्यटन और पौराणिक ज्ञान है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed