एरीज ने किया शनि-बृहस्पति युति का प्रेक्षण, अब 15 मार्च 2080 को इतने निकट आएंगे दोनों ग्रह
- 6.1 आर्क मिनट की दूरी पर थे दोनों ग्रह, जबकि रविवार को यह दूरी 13 आर्क मिनट थी
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397 वर्ष बाद शनि और बृहस्पति के अत्यधिक पास नजर आने की घटना का प्रेक्षण आर्य भट्ट शोध एवं प्रेक्षण विज्ञान संस्थान (एरीज) में भी किया गया। बृहस्पति और शनि सोमवार को 6.1 आर्क मिनट की दूरी पर थे जबकि कल दोनों के बीच की यह दूरी 13 आर्क मिनट थी। उन्होंने बताया कि अगले कुछ दिनों तक यह नजदीकी देखी जा सकेगी।
उन्होंने बताया कि सोमवार को बादल छाए रहने के कारण प्रेक्षण बहुत अधिक स्पष्ट तो नहीं हो पाया लेकिन फिर भी इसका अध्ययन किया जा सकेगा। सूर्यास्त के कुछ ही समय बाद बादलों के बीच से इन ग्रहों की युति नजर आने लगी थी। उन्होंने बताया कि कोरोना के चलते आम लोगों को एरीज से यह घटना दिखाए जाने की व्यवस्था नहीं की गई थी।
क्रिसमस स्टार नाम दिया
वैज्ञानिकों ने क्रिसमस स्टार का नाम दिया है इस युति को क्रिसमस के दौरान हुई ग्रहों की इस युति को वैज्ञानिकों ने क्रिसमस स्टार नाम दिया है। इसके बाद ये दोनों ग्रह 15 मार्च 2080 को इतने निकट आएंगे। इससे पहले 1226 और 1623 में भी ये ग्रह एक दूसरे के निकट आए थे लेकिन तत्कालीन आकाशीय स्थिति के कारण यह घटना नहीं देखी जा सकी।
बृहस्पति 11.86 साल में सूरज की परिक्रमा करता है। शनि को करीब 29.5 साल सूर्य की परिक्रमा करने में लगते हैं। हर बार 19.6 साल में ये दोनों ग्रह करीब आते हैं, जिन्हें आसमान में आसानी से देखा जा सकता है।
इस घटना को कंजक्शन कहा जाता है
पिछला सामान्य कंजक्शन 2000 में हुआ था। अगला कंजक्शन 5 नवंबर 2040 को होगा, जबकि अगला ग्रेट कंजक्शन 15 मार्च 2080 को पड़ेगा।
- डॉ. शशिभूषण पांडे, आर्य भट्ट शोध एवं प्रेक्षण विज्ञान संस्थान ( एरीज)