50 हजार की रिश्वत के साथ कनिष्ठ अभियंता गिरफ्तार
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विजलेंस ने पुरोला में लोनिवि के एक कनिष्ठ अभियंता को 50 हजार रूपए घूस लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। कनिष्ठ अभियंता लोनिवि की पुरोला डिविजन में संविदा पर तैनात है।
विजिलेंस टीम ने लोक निर्माण विभाग के जेई (अवर अभियंता) को रंगे हाथ 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। आरोपी कर्मचारी ठेकेदार से 70 लाख के काम के भुगतान (रनिंग बिल) के नाम पर एक लाख रुपये की डिमांड कर रहा था। यह रकम दो किश्तों में दी जानी थी। टीम ने जेई के देहरादून और उत्तरकाशी के कई आवासों की भी तलाशी ली।
विजिलेंस के पुलिस अधीक्षक डा सदानंद दाते ने बताया कि लोक निर्माण विभाग उत्तरकाशी के पंजीकृत ठेकेदार ने शिकायत की थी कि राजमार्ग संख्या 48 के सतह सुधार एवं डामरीकरण की कार्य उसके द्वारा किया गया। 70 लाख रुपये के कार्य करने के बाद भुगतान हेतु अवर अभियंता त्रेपन सिंह राणा से अनुरोध किया था।
इनते रुपये की थी डिमांड
आरोप है कि राणा ने रनिंग बिल तैयार करने के लिए एक लाख रुपये की मांग की थी। जेई की लापरवाही के कारण मजदूरों और सामग्री के बिलो का भुगतान नहीं हो रहा था। पैसे की दिक्कत बताई तो जेई राणा ने यह रकम दो किश्तों में देने का प्रस्ताव रखा।
आठ मार्च को पहली किश्त देने की बात तय हुई है। एसपी ने बताया कि शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जांच कराई तो आरोप की पुष्टि हुई। अधिकारी की धरपकड़ के लिए टीम गठित की गई।
विजिलेंस टीम ने बुधवार को अवर अभियंता त्रेपन सिंह राणा को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पुरोला स्थित आफिस से गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपी के देहरादून, विकासनगर, पुरोला और मोरी के आवासों की भी तलाशी ली। यहां से क्या मिला, अभी साफ नहीं हो पाया है। विजिलेंस एसपी ने बताया कि जेई राणा मूल रुप से इसी क्षेत्र का रहने वाला है। गृह क्षेत्र होते हुए जेई को यहां की जिम्मेदारी कैसे दी गई, इसकी रिपोर्ट भी अलग से भेजी जा रही है।