उत्तराखंड सियासी संकट की होगी न्यायिक जांच, कैबिनेट ने लिया फैसला
- पूरे घटनाक्रम को खंगालेगी विशेष कमेटी
- तीन महीने में सरकार को सौंपनी होगी रिपोर्ट
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उत्तराखंड की कांग्रेस सरकार पर मार्च महीने में आए सियासी संकट की जांच के लिए न्यायिक कमेटी बनाने का फैसला कैबिनेट की बैठक में लिया गया है। बैठक में तय हुआ कि हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में यह कमेटी तीन माह में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।
वहीं हाईकोर्ट में बागियों की सदस्यता बहाल करने के विचाराधीन मामले में आने वाले फैसले को मानने की बात भी सरकार ने कही है।
बीती 18 मार्च से शुरू हुए सियासी संकट का अंत बीते सप्ताह सरकार वापसी के साथ हुआ था। इन तीन महीनों के दौरान जो भी गतिविधियां हुईं, उनकी जांच के लिए सरकार ने एक न्यायिक कमेटी के गठन पर शुक्रवार को हुई कैबिनेट की बैठक में मुहर लगा दी है।
जल्द बनेगी कमेटी, रिटायर्ड जज करेंगे अध्यक्षता
मुख्यमंत्री हरीश रावत की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में तय हुआ कि हाईकोर्ट के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में या फिर एकल सदस्यीय कमेटी का गठन बहुत जल्द किया जाएगा।
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि जल्द ही सेवानिवृत्त न्यायाधीश का चयन किया जाएगा। कमेटी यह देखेगी कि कहीं ‘फाउल प्ले’ तो नहीं हुआ यानी विधायकों की खरीद-फरोख्त तो नहीं हुई। साथ ही सरकार गिराने के लिए कहीं कोई षड़यंत्र तो नहीं किया गया। ऐसे तमाम बिंदुओं पर गहराई से जांच-पड़ताल के बाद कमेटी अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने यह भी कहा है कि जांच के दौरान हाईकोर्ट में विधायकों की सदस्यता बहाली के विचाराधीन मामले में जो फैसला आएगा, उसे लागू किया जाएगा।