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पत्रकार राजीव प्रताप की मौत का मामला: हत्या या सड़क दुर्घटना? सीसीटीवी से हुए चौंकाने वाले खुलासे

Thu, 02 Oct 2025 11:30 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तरकाशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तरकाशी Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 02 Oct 2025 11:30 PM IST
सार

Uttarkashi News: राजीव का शराब के नशे में होना, गाड़ी को गलत दिशा में चलाना, और गाड़ी चलाने का बहुत कम अभ्यास होना इस बात की पुष्टि करता है कि यह एक सड़क दुर्घटना थी।

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Journalist Rajeev Pratap death case Not murder, died in a road accident
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

उत्तराखंड के उत्तरकाशी में पत्रकार राजीव प्रताप की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने गहन छानबीन के बाद इसे हत्या नहीं बल्कि एक सड़क दुर्घटना बताया है। पुलिस उपाधीक्षक जनक पंवार ने मीडिया को बताया कि राजीव प्रताप दुर्घटना के वक्त शराब के नशे में थे। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी फुटेज से भी इस बात की पुष्टि हुई है कि वो लड़खड़ाते हुए चल रहे थे और गाड़ी को गलत दिशा में चला रहे थे।

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जनक पंवार ने बताया कि पुलिस जांच में सामने आया कि 18 सितंबर को शाम करीब 7 बजे राजीव अपने पूर्व विद्यार्थी और कैमरामैन मनबीर कलूड़ा के साथ पुलिस लाइन में नियुक्त मुख्य आरक्षी सोबन सिंह से मिलने गए थे। तीनों ने देर रात 10 बजे तक टैक्सी स्टैंड पर बैठकर शराब पी। इसके बाद सोबन सिंह वहां से निकल गए लेकिन राजीव के कहने पर वे वापस आए।
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राजीव और सोबन सिंह ने फिर से बाजार जाकर एक होटल में खाना खाया और शराब पी। रात करीब 11 बजे राजीव होटल से बाहर आए। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखा कि वो नशे में लड़खड़ा रहे थे। थोड़ी देर बाद सोबन सिंह भी बाहर आए और दोनों गाड़ी में बैठे। सोबन सिंह थोड़ी देर बाद बाहर आ गए और राजीव ड्राइविंग सीट पर बैठ गए। फुटेज में गाड़ी के अंदर राजीव के अलावा कोई और व्यक्ति नहीं दिखा।
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उन्होंने बताया कि रात 11:24 बजे सोबन सिंह ने राजीव के मोबाइल पर बात की। इसके बाद राजीव की गाड़ी बद्री तिराहा, तेखला पुल और अंत में रात 11:38 बजे गंगोरी पुल के सीसीटीवी कैमरे में गंगोरी की तरफ जाते हुए दिखी। इस दौरान भी गाड़ी में राजीव के अलावा कोई और नहीं था। गंगोरी पुल के बाद लगे एटीएम और पेट्रोल पंप के सीसीटीवी में राजीव का वाहन कहीं नहीं दिखा।

सोबन सिंह ने पुलिस को बताया कि उन्होंने राजीव को बहुत समझाया कि वो गाड़ी आगे न ले जाएं क्योंकि वो नशे में थे लेकिन राजीव ने उनकी बात नहीं मानी और यह कहकर चले गए कि वो थोड़ी दूर जाकर वापस आ जाएंगे। सोबन सिंह ने सोचा कि शायद वो अपनी बहन के घर कोट बंगला गए होंगे और वो उनके पीछे पैदल गए लेकिन राजीव नहीं मिले। यह सोचकर कि सुबह गाड़ी ले लेंगे सोबन सिंह अपने कमरे में वापस चले गए।

पुलिस का मानना है कि रात 11:40 बजे के आसपास राजीव का वाहन गंगोरी में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी यह बात साफ हो गई। उन्होंने कहा कि राजीव का शराब के नशे में होना, गाड़ी को गलत दिशा में चलाना, और गाड़ी चलाने का बहुत कम अभ्यास होना इस बात की पुष्टि करता है कि यह एक सड़क दुर्घटना थी। फिलहाल इस पूरे मामले की जांच एसआई दिलमोहन बिष्ट कर रहे हैं।

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