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Joshimath Sinking: जोशीमठ बचाने के लिए करेंगे अनुष्ठान, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा- प्रभावित रखें धैर्य

Mon, 09 Jan 2023 01:53 PM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Mon, 09 Jan 2023 01:53 PM IST
सार

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने पीड़ित परिवारों को सांत्वना देते हुए कहा कि एक साल से लगातार भू-धंसाव होने से घरों में दरारें आ रही हैं लेकिन सरकार ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। इसको लेकर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। 

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Joshimath Sinking Rituals to save Joshimath Swami Avimukteshwaranand Saraswati said people need morale support
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि जोशीमठ भू धंसाव प्रभावित लोगों को धैर्य और मनोबल समर्थन की जरूरत है। हमने अलग-अलग विशेषज्ञता वाले लोगों को आमंत्रित किया है  कहा कि ज्योतिषियों से लेकर धर्मशास्त्रियों तक के विचार लिए गए। उन्होंने हमें ज्योतिर्मठ की रक्षा के लिए होने वाले अनुष्ठानों के बारे में बताया है। हम आज अनुष्ठान शुरू करेंगे।

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ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने इससे पहले जोशीमठ में आपदा प्रभावितों से मुलाकात की। उन्होंने पीड़ित परिवारों को सांत्वना देते हुए कहा कि एक साल से लगातार भू-धंसाव होने से घरों में दरारें आ रही हैं लेकिन सरकार ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। इसको लेकर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। शंकराचार्य ने कहा कि प्रभावितों की जो भी समस्या है उसका समाधान निकाला जाए। 
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वहीं दूसरी ओर मातृ सदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने कहा कि आज जोशीमठ का अस्तित्व खतरे में है। जोशीमठ केवल उत्तराखंड का ही नहीं, बल्कि पूरे भारतवर्ष का मुकुट है। इसलिए इसे बचाया जाना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रकृति जिस रूप में रहना चाहती है, उसे उसी रूप में रहने दें। प्रकृति के साथ छेड़छाड़ से आपदा आ रही हैं। उन्होंने कहा कि गंगा में अवैध खनन से हरिद्वार में भी आपदा का खतरा मंडरा रहा है।

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