फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Chamoli News ›   Joshimath Landslide Cracks in fields and roads increased concern of disaster affected

Joshimath: नहीं थम रहा भू-धंसाव... खेतों और रास्तों में पड़ीं दरारों ने बढ़ाई आपदा प्रभावितों की चिंता

Mon, 27 Feb 2023 12:13 AM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, जोशीमठ
संवाद न्यूज एजेंसी, जोशीमठ Published by: अलका त्यागी Updated Mon, 27 Feb 2023 12:13 AM IST
सार

भू-धंसाव से सबसे प्रभावित सिंहधार, मनोहर बाग, गांधीनगर और सुनील वार्ड में खेतों और मकानों में नई दरारें आ रही हैं। आपदा प्रभावित प्रतिदिन दरारों को देखने खेतों में पहुंच रहे हैं। जिन घरों में पहले से दरारें आई हैं वह अब झुकने लग गए हैं।

विज्ञापन
Joshimath Landslide Cracks in fields and roads increased concern of disaster affected
जोशीमठ में पत्थर गिरने से रोकने को लगाए पाइप - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भू-धंसाव से प्रभावित जोशीमठ में आपदा प्रभावितों की मुसीबतें कम नहीं हो पा रही हैं। खेतों से लेकर असुरक्षित घोषित हुए आवासीय मकानों में अभी भी दरारें आ रही हैं। आम रास्तों में भी दरारें आने का सिलसिला जारी है। जिससे आपदा प्रभावितों को भविष्य की चिंता सता रही है।

विज्ञापन


Joshimath Is Sinking:  जोशीमठ नरसिंह मंदिर मार्ग पर फिर फूटी जल धारा, तीन घंटे मची रही अफरा-तफरी, दहशत में लोग
विज्ञापन


भू-धंसाव से सबसे प्रभावित सिंहधार, मनोहर बाग, गांधीनगर और सुनील वार्ड में खेतों और मकानों में नई दरारें आ रही हैं। आपदा प्रभावित प्रतिदिन दरारों को देखने खेतों में पहुंच रहे हैं। जिन घरों में पहले से दरारें आई हैं वह अब झुकने लग गए हैं। सिंहधार वार्ड में होटल माउंट व्यू और मलारी इन के पीछे के मकानों में पहले से दरारें आई हुई हैं। लेकिन अब इन मकानों में दरारें बढ़ रही हैं। आपदा प्रभावित दिगंबर सिंह का कहना है कि अब वे अपने मकानों का हाल देखने भी नहीं जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


राहत शिविर में ही सरकार के पुनर्वास के निर्णय का इंतजार कर रहे हैं। वे कहते हैं कि उनके घर में पहले से दरारें आई हुई थी। लेकिन अब मकान के अंदर दरारें काफी बढ़ गई हैं, जिससे उनका मकान तिरछा हो गया है। सुरक्षा को देखते हुए उन्होंने पहले ही घर को खाली कर दिया था। आपदा प्रभावित दीपक का कहना है कि घर के अंदर कॉलम धीरे-धीरे जगह छोड़ रहे हैं। घरों में दरारें लगातार बढ़ रही हैं।

सिंहधार और मनोहर बाग वार्ड के खेतों में भी बड़ी-बड़ी दरारें पड़ी हैं। सिंहधार वार्ड में एक भारी-भरकम बोल्डर के नजदीक के खेतों में पड़ी दरारें लोगों की चिंता बढ़ रहे हैं। हालांकि यहां मकानों को प्रशासन की ओर से पहले ही खाली करवा दिया गया था, लेकिन लोगों को अपने खेतों और मकानों के नुकसान की चिंता सता रही है।

खेतों में जहां दरारें और गडढ़े पड़े हैं, सुरक्षा के लिहाज से उन्हें मिट्टी और पॉलिथीन से भरा जा रहा है। जिससे बारिश होने पर जमीन के अंदर पानी का रिसाव न हो। रविग्राम सहित अन्य जगहों पर पड़े गड्ढों का सीबीआरआई की टैक्निकल टीम की ओर से सर्वेक्षण कार्य किया गया है। लगातार प्रभावित क्षेत्र में भू-धंसाव पर नजर रखी जा रही है। असुरक्षित घरों के आपदा प्रभावितों को पूर्व में ही राहत शिविरों में रखा गया है।
- कुमकुम जोशी, एसडीएम, जोशीमठ, चमोली

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed