Joshimath: असुरक्षित भवनों को सील करने का काम शुरू, एक महीने से शहर में नहीं हुआ भू-धंसाव
Joshimath Landslide Update: कई प्रभावित परिवार अभी भी इन असुरक्षित भवनों मे जा रहे थे, जिसे देखते हुए प्रशासन ने यह कार्रवाई की।
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जोशीमठ में भू-धंसाव से असुरक्षित हुए भवनों को प्रशासन की ओर से सील किया जा रहा है। कई परिवार अभी भी असुरक्षित भवनों में जा रहे हैं और उन परिवारों को इन भवनों का मुआवजा मिल गया है उन्हें ही सील किया जा रहा है। सुरक्षा की दृष्टि से मंगलवार को तीन भवन सील किए गए।
भू-धंसाव के चलते जोशीमठ में 868 भवनों में दरारें आई हैं जिनमें से प्रशासन की ओर से 181 भवनों को असुरक्षित घोषित किया गया है। इन घरों में रहने वाले परिवार के लोग शिविरों और किराए के भवनों में रह रहे हैं और बार-बार इन मकानों में आ रहे हैं।
ऐसे में प्रशासन ने अब असुरक्षित भवनों को सील करना शुरू कर दिया है। तहसील प्रशासन ने अभी तक 12 परिवारों को 276.66 लाख रुपये का भुगतान किया है और इनमें से तीन भवनों को सील किया गया है। राजस्व निरीक्षक विजय डुंगरियाल ने बताया कि प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से भवनों को सील करने का निर्णय लिया है।
एक माह से नहीं हुआ कहीं भी भू-धंसाव
पिछले एक माह से सुनील वार्ड, मनोहर बाग, सिंहधार, गांधीनगर और रविग्राम में भू-धंसाव नहीं हुआ है। जिस स्थानों पर दरारें पड़ी थीं वहां प्रशासन की ओर से पॉलिथीन और मिट्टी का भरान किया गया है। 10 फरवरी के बाद से कहीं भी नई दरारें नहीं दिखी हैं।
सिंहधार और सुनील वार्ड में आबादी क्षेत्र के निकट तीन बोल्डरों की सुरक्षा के लिए लोक निर्माण विभाग की ओर से लोहे के पाइप लगाए गए हैं, वहां भी यथास्थिति बनी हुई है। बोल्डरों के ईद-गिर्द जमीन में पुरानी दरारें अभी भी दिख रही हैं। जोशीमठ की एसडीएम कुमकुम जोशी ने बताया कि भू-धंसाव वाले क्षेत्रों में अब कहीं भी नई दरारें आने की रिपोर्ट नहीं आई है। सुनील और सिंहधार वार्ड में बोल्डरों की भी यथास्थिति बनी हुई है। भू-धंसाव पर लगातार नजर रखी जा रही है। लोनिवि व संबंधित क्षेत्र के प्रभारियों से प्रतिदिन की रिपोर्ट मांगी जा रही है।