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Joshimath Sinking: पानी के 13 सैंपलों की आई रिपोर्ट एनआईएच ने शासन को सौंपी, NTPC पर साधी चुप्पी

Sun, 15 Jan 2023 10:05 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, रुड़की/देहरादून
संवाद न्यूज एजेंसी, रुड़की/देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Sun, 15 Jan 2023 10:05 PM IST
सार

जोशीमठ में भू-धंसाव के साथ ही दो जनवरी को नगर के सबसे निचले हिस्से में एनटीपीसी की आवासीय जेपी कॉलोनी में पानी का स्रोत फूट पड़ा था। पानी पूरी तरह से मटमैला था। स्थानीय लोगों की ओर से आशंका जताई गई थी कि यह पानी एनटीपीसी की टनल का हो सकता है।

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Joshimath Is Sinking: NIH Roorkee submitted report of 13 water samples to the government
जोशीमठ भू-धंसाव के बाद जलस्त्रोत का पानी - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

जोशीमठ में भू-धंसाव के बाद फूटे पानी के जलस्रोत से लिए गए नमूनों की जांच रिपोर्ट एनआईएच ने शासन को सौंप दी है। आशंका जताई जा रही थी कि पानी का यह रिसाव एनटीपीसी की टनल से हो सकता है। लेकिन, फिलहाल शासन के अधिकारी इस संबंध में कुछ भी कहने से बच रहे हैं।

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जोशीमठ में भू-धंसाव के साथ ही दो जनवरी को नगर के सबसे निचले हिस्से में एनटीपीसी की आवासीय जेपी कॉलोनी में पानी का स्रोत फूट पड़ा था। पानी पूरी तरह से मटमैला था। स्थानीय लोगों की ओर से आशंका जताई गई थी कि यह पानी एनटीपीसी की टनल का हो सकता है। इसके लिए शासन के निर्देश पर राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान (एनआईएच) की ओर से इस स्रोत के अलावा कुल 13 स्थानों से पानी के नमूने एकत्र किए गए थे।
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उस दौरान संस्थान के वैज्ञानिक डॉ गोपाल कृष्ण की ओर से बताया गया था कि पानी के नमूनों का आइसोटोप लैब में सिग्नेचर मिलान किया जाएगा। इससे स्पष्ट हो जाएगा कि क्या यह पानी टनल से आ रहा है या इसका स्रोत कहीं और है। तब से लगातार स्थानीय लोगों के साथ ही सभी निगाहें इस रिपोर्ट पर लगी हैं। अब शासन की ओर से रिपोर्ट सौंपे जाने की बात तो कई जा रही है, लेकिन फिलहाल रिपोर्ट का खुलासा नहीं किया जा रहा है।

पानी के प्रवाह में आई कमी, मटमैलापन भी कम हुआ     
जेपी कॉलोनी के पिछले हिस्से में हो रहे पानी के रिसाव में फिर से कमी दर्ज हुई है। 14 जनवरी को जहां 240 लीटर प्रति मिनट पानी बह रहा था, वहीं, 15 जनवरी को घटकर 162 एलपीएम हो गया है। यहां आ रहे पानी में मटमैलापन भी कम हो रहा है। शुरुआत में पानी में करीब 50 हजार मिलियन पार्टिकल्स (कण) थे, जो अब 23 हजार रह गए हैं। डीएम हिमांशु खुराना ने बताया, जेपी कॉलोनी में हो रहा पानी का रिसाव कम हुआ है। पानी का मटमैलापन भी धीरे-धीरे कम हो रहा है।

हमारी टीम और मैं खुद आज पूरा दिन जोशीमठ में था। मुझे अभी रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है, लेकिन पता चला है कि एनआईएच की ओर से प्राथमिक रिपोर्ट भेज दी गई है। रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद ही इस पर कुछ कहा जा सकता है। 
- डॉ.रंजीत कुमार सिन्हा, सचिव, आपदा प्रबंधन

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