Joshimath Disaster: पुनर्निमाण पैकेज से पहले PDNA के लिए जोशीमठ पहुंचा केंद्रीय दल, तीन दिन के लिए जमाया डेरा
सचिव आपदा प्रबंधन ने बताया कि टीम रविवार से सर्वेक्षण का काम शुरू करेगी। इसमें क्षतिग्रस्त आवासीय भवनों, सड़क, बिजली की लाइनों, पानी की लाइनों, विभागीय संपत्तियां, विस्थापन के लिए चिह्नित की गई जमीन के अलावा हर उस चीज का आकलन किया जाएगा, जिस भूधंसाव से नुकसान पहुंचा है। उन्होंने बताया कि टीम अगल दलों में सर्वेक्षण का काम करेगी।
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जोशीमठ आपदा के बाद इसके पुनर्निमाण के आर्थिक पैकेज के लिए कवायद शुरू हो गई है। केंद्र सरकार के निर्देश पर राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के निर्देशन में करीब 26 सदस्यों का एक दल जोशीमठ पहुंच चुका है, जो अगले तीन दिन तक पोस्ट-डिजास्टर नीड्स असेसमेंट (पीडीएनए) यानी आपदा के बाद हुए नुकसान और रिकवरी की जरूरतों का व्यापक मूल्याकंन करेगा।
इस रिपोर्ट के बाद ही तय हो पाएगा कि केंद्र की ओर से जोशीमठ के पुनर्निर्माण के लिए भेजे गए आर्थिक पैकेज प्रस्ताव में से कितनी धनराशि मंजूर होगी।शनिवार को एनडीएमए के संयुक्त सचिव कुनाल सत्यवर्ती के नेतृत्व में 16 सदस्यीय केंद्रीय दल चार्टर्ड प्लेन से जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचा।
यहां सत्यवर्ती की अध्यक्षता में करीब आधे घंटे की एक संक्षिप्त बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में उत्तराखंड के सचिव आपदा प्रबंधन डॉ. रंजीत सिन्हा के अलावा अपर सचिव सविन बंसल, अधिशासी निदेशक डॉ. पीयूष रौतेला और कई अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
इसके बाद टीम जोशीमठ के लिए रवाना हो गई। जौलीग्रांट से इस टीम में राज्य सरकार के करीब 10 अधिकारी भी शामिल हो गए। यह टीम जोशीमठ में अगले तीन दिन रहकर आपदा के बाद हुए नुकसान का नए सिरे से आकलन कर रिपोर्ट केंद्र को देगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर उत्तराखंड सरकार की ओर से मांगे गए करीब तीन हजार करोड़ रुपये के राहत पैकेज को फाइनल किया जाएगा।
जोशीमठ पहुंचते ही जिला प्रशासन के साथ बैठक
जौलीग्रांट से चार्टर्ड प्लेन में सवार होकर करीब तीन बजे टीम जोशीमठ पहुंची। टीम ने जोशीमठ पहुंचते ही जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक की और जरूरी जानकारियां जुटाई। इस बैठक में जिला अधिकारी डॉ. हिंमाशु खुराना ने टीम को अब तक की अपडेट दी। इस बैठक में केंद्रीय टीम के अलावा राज्य सरकार और जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।
आज जोशीमठ में आपदा प्रभावित क्षेत्र का दौरा करेगी टीम
सचिव आपदा प्रबंधन ने बताया कि टीम रविवार से सर्वेक्षण का काम शुरू करेगी। इसमें क्षतिग्रस्त आवासीय भवनों, सड़क, बिजली की लाइनों, पानी की लाइनों, विभागीय संपत्तियां, विस्थापन के लिए चिह्नित की गई जमीन के अलावा हर उस चीज का आकलन किया जाएगा, जिस भूधंसाव से नुकसान पहुंचा है। उन्होंने बताया कि टीम अगल दलों में सर्वेक्षण का काम करेगी। उन्होंने बताया कि इस टीम एनडीएमए के अलावा संयुक्त राष्ट्र (यूएन), वर्ल्ड बैंक के अलावा तकनीकी विशेषज्ञ भी शामिल हैं।
किसी भी राज्य में आपदा के बाद जब केंद्र सरकार कोई राहत पैकेज जारी करती है, उससे पहले पोस्ट-डिजास्टर नीड्स असेसमेंट (पीडीएनए) किया जाता है। इसी रिपोर्ट के आधार पर केंद्र सरकार राहत पैकेज जारी करती है। इसके लिए एनडीएमए संयुक्त सचिव की निगरानी में टीम जोशीमठ पहुंच चुकी है, जो 25 अप्रैल तक वहां व्यापक सर्वेक्षण करने के बाद केंद्र सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। - डॉ. रंजीत सिन्हा, सचिव आपदा प्रबंधन विभाग
पीएम से जोशीमठ के लिए आर्थिक पैकेज की मांग कर चुके हैं सीएम धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जोशीमठ भू-धंसाव मामले में राहत, विस्थापन और अवस्थापना विकास कार्यों के लिए 2942.99 करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की मांग कर चुके हैं। उन्होंने पीएम प्रभावितों को तत्काल अस्थायी राहत और भविष्य में स्थायी राहत की योजना साझा की थी।