उत्तराखंडः कांग्रेस ने बीजेपी को फिर दी करारी मात
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उत्तराखंड में तीन विधानसभा उपचुनाव के बाद जिला पंचायत में भी कांग्रेस के हाथ बाजी लगी है। मंगलवार को हरिद्वार को छोड़कर प्रदेश के 12 जिलों में हुए जिला पंचायत अध्यक्ष चुनावों में दस में कांग्रेस अथवा कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों ने बाजी मारी है।
उल्लेखनीय है कि औपचारिक रूप से कांग्रेस ने उम्मीदवारों का ऐलान नहीं किया था। भाजपा सिर्फ चमोली और टिहरी की सीटें ही जीत पाई। कई सीटों पर मुकाबला खासा रोचक रहा।
देर शाम घोषित चुनाव परिणाम के मुताबिक बागेश्वर में चुनाव टाई हुआ और बाद में परची के जरिए हुए चुनाव में हरीश ऐठानी के खाते में जीत गई। इसी तरह नैनीताल में कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी सुनीता प्रकाश के खाते में मात्र एक वोट से जीत दर्ज हुई।
उधमसिंहनगर में एक ही नामांकन होने के कारण पहले ही परिणाम जग जाहिर हो चुका था।
जिसका हुआ अध्यक्ष, उपाध्यक्ष उसी का
राज्य गठन के बाद गठित तीन वित्त आयोगों की रिपोर्ट बताती है कि जिला पंचायतें प्रदेश में सरकारी धन की मोहताज हैं। चुनाव में भी पंचायतों का सत्ता पक्ष की ओर झुकाव साफ दिखाई दे रहा है। मंगलवार को जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर जारी परिणाम ने भी इसकी पुष्टि ही की।
भाजपा के सिर्फ चमोली और टिहरी में घोषित प्रत्याशी ही जीत पाए। बाकी दस जिलों में कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों ने परचम फहराया। सेटिंग गेटिंग का हाल यह रहा कि जिन जिलों में जिस पार्टी का अध्यक्ष जीता, उपाध्यक्ष पद भी उसी पार्टी को गया।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद चुनाव में महारथी साख बचाने में कामयाब रहे और साथ में अपना वर्चस्व जिले में कायम रखने में भी।
पौड़ी में कृषि मंत्री हरक सिंह रावत की पत्नि दीप्ति रावत के हाथ बाजी लगी तो रुद्रप्रयाग में लक्ष्मी राणा को जीत मिली तो देहरादून में पंचायत मंत्री प्रीतम सिंह के भाई चमन सिंह ने जीत हासिल की। वहीं मुन्ना चौहान की पत्नी मधु चौहान को हार का मुंह देखना पड़ा।
इनके सिर बंधा जीत का सेहरा
जिला ------------- अध्यक्ष
अल्मोड़ा ---------- पार्वती महरा (कांग्रेस)
बागेश्वर ----------- हरीश ऐठानी (कांग्रेस)
चम्पावत --------- खुशाल सिंह अधिकारी (कांग्रेस)
नैनीताल --------- सुनीता प्रकाश (कांग्रेस)
पिथौरागढ़ -------- प्रकाश जोशी (कांग्रेस)
ऊधमसिंह नगर --- ईश्वरी प्रसाद गंगवार (कांग्रेस)
चमोली ----------- नीना देवी (भाजपा)
देहरादून ---------- चमन सिह (कांग्रेस)
पौड़ी ------------- दीप्ति रावत (कांग्रेस)
रुद्रप्रयाग --------- लक्ष्मी राणा (कांग्रेस)
टिहरी ------------ सोना देवी (भाजपा)
उत्तरकाशी -------- जशोदा राणा (कांग्रेस)
कांग्रेस के प्लान से भाजपा हुई चित
विधानसभा उपचुनाव के नतीजों के समय से ही लगने लगा था कि जिला पंचायत अध्यक्षों के चुनाव का रुख भी कांग्रेस की ओर होगा।
कांग्रेस ने अंतिम समय तक उम्मीदवार न उतारकर मजबूत उम्मीदवार पर हाथ आजमाने की नीति अपनाई थी। चुनाव परिणामों ने कांग्रेस की नीति पर मुहर लगा दी है।
वहीं कुछ ऐसी जगहों पर जहां दो उम्मीदवार मजबूती से भिड़ते दिखे कांग्रेस पार्टी संगठन ने उनके बीच अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का फैसला कर चुनाव को अपने पक्ष में करने का काम किया है।