देखिए, कैसे प्यार की पूरी कहानी समेटे हैं ये जेवर
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पौराणिक प्रेम कहानियों को पेश करते गहनों के फैशन से बाजार एक बार फिर गुलजार हो गया है। त्योहार के मौके पर कई ज्वैलर्स ने यूनिक नामों से गहनों की रेंज उतारी है।
इसमें खास है पीसीजे का ‘अभिज्ञान शाकुंतलम’। इसके अलावा ग्राहकों की पसंद में ‘गारलेंड ऑफ फ्लॉवर’ और ‘फ्लेक्सिया’ भी शामिल हो गया है। प्रेम कहानियों को कीमती धातु में उभारने का कांसेप्ट पहली बार ज्वैलर्स ने बाजार में उतारा है।
कान का झुमका हो या बालों की स्टाइलिश पिन अथवा हार, राजा दुश्यंत और रानी शकुंतला के इजहार-ए-इश्क को खूबसूरती से सोने के जेवरों में बयां करती है ‘अभिज्ञान शाकुंतलम’ की रेंज।
पीसीजे देहरादून के रीजनल मैनेजर बलजीत कुमार शर्मा ने बताया कि गहनों में राजा-महाराजाओं की संस्कृति और सभ्यता को ठोस सोने में उतारा गया है।
गारलेंड ऑफ फ्लावर किया जा रहा खासा पसंद
शकुंतला की यादगार अंगुठी और हाथ के कंगन भी ग्राहकों की पहली पसंद में शुमार है। उसी प्रकार ‘जुहूर’ (लाइट) ने अपने नाम के अनुसार सोने में डायमंड को स्टड करके क्रोशिया सरीखे बुनावट और नक्काशीदार डिजाइन के जेवर बाजार में उतारे हैं।
तनिष्क देहरादून की मैनेजर अलका आनंद कहती हैं कि महिलाएं छोटे स्टोन वाले ऑर्नामेंट को ज्यादा पसंद करती हैं। लिहाजा जुहूर के ऑर्नामेंट में कई छोटे स्टोन को मिलाकर सोलिटेयर का लुक दिया गया है। इसकी कीमत पचास हजार से शुरू है।
फूलों के गहने पसंद करने वाले खास ग्राहकों के लिए ‘गारलेंड ऑफ फ्लावर’ थीम आधारित जेवर तैयार किए गए हैं। सोने में फूलों का आकार देकर कई रंगों का प्रयोग कर आधुनिक गहनों का रूप दिया गया है।
यह कामकाजी युवतियों को खासा पसंद आ रहा है। अन्य वैरायटी ‘फ्लेक्सिया’ की है जो डिटैच कर किसी भी तरीके से प्रयोग की जा सकती है। जैसे हार को ब्रेसलेट केतौर पर और झुमके को बतौर मांग का टीका लगा सकते हैं।