उत्तराखंड में दो लाख ज्वेलर्स शॉप रहीं बंद
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एक लाख रुपये से अधिक की ज्वेलरी खरीद के लिए पैन कार्ड जरूरी किए जाने के विरोध में शुक्रवार को प्रदेश भर में ज्वेलर्स ने सांकेतिक बंद रखा। कुल दो लाख ज्वेलर्स सुबह नौ बजे से लेकर दोपहर 12 बजे तक तीन घंटे के इस बंद में शामिल रहे।
दून में ज्वेलर्स एसोसिएशन ऑफ उत्तरांचल की तरफ से बुलाए गए इस बंद के दौरान ज्वेलर्स ने धामावाला स्थित सरस्वती मार्केट में धरना, प्रदर्शन किया। इसके बाद डीएम कार्यालय पहुंचे। यहां अपनी मांगों को लेकर वित्त मंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया।
एसोसिएशन के महासचिव गुरजीत सिंह ने साफ किया कि या तो इस नियम को वापस लिया जाए या फिर पूर्व की भांति इस सीमा को 5 लाख रुपये ही रहने दिया जाए। बंद को सराफा मंडल देहरादून, युवा सराफा मंडल, स्वर्णकार संघ का भी समर्थन है।
इस दौरान ज्वेलर्स एसोसिएशन आफ उत्तरांचल के प्रदेश अध्यक्ष विपिन बेरी, सराफा मंडल देहरादून के अध्यक्ष प्रवीण जैन, उपाध्यक्ष सुनील मैसोन, महासचिव मनमीत सिंह, स्वर्णकार संघ के अध्यक्ष हरभजन सिंह, विश्वनाथ कोहली, कमल रस्तोगी, सत्यम रस्तोगी, सुमित गोयल, गौरव रस्तोगी, अनूप बडोनी आदि उपस्थित रहे।
इसलिए कर रहे पैन कार्ड का विरोध
-व्यवसाय पर असर पड़ेगा, एक्साइज में छूट न मिलने से पहले ही दिक्कत है
-महिलाएं गहनों की सबसे बड़ी खरीदार हैं, ज्यादातर के पास पैन नहीं
-किसानों समेत कई तबकों के खरीदार पैन नहीं रखते, उनकी खरीद कैसे होगी
15 जून तक उठे ठोस कदम
ज्वेलर्स का आरोप है कि कि कारोबार के हित की बात कोई नहीं कर रहा। केंद्रीय एसोसिएशन के ज्वेलर्स वित्त मंत्री अरुण जेटली से भी मिल चुके हैं, लेकिन वह कोई ठोस कदम उठाने की बात नहीं कर रहे। टैक्सेशन प्रक्रिया के सरलीकरण की बात दोहरा रहे हैं। ऐसे में ज्वेलर्स को 15 जून तक पैन को लेकर किसी ठोस कदम की जरूरत है।
पहले भी कर चुके 23 दिन हड़ताल
इससे पहले ज्वेलर्स एक्साइज ड्यूटी को लेकर 2012 में भी लंबा आंदोलन चला चुके हैं। तब 23 दिन हड़ताल रही थी।