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दून में जगन्नाथ रथ यात्रा और ईद एक साथ
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 19 Jul 2015 01:55 PM IST
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देहरादून में जगन्नाथ रथ यात्रा के साथ ही ईद का त्योहार मनाया गया। शनिवार को जगन्नाथ रथ यात्रा में मुस्लिम समुदाय के लोग भी शामिल हुए तो ईद पर हिंदुओं ने भी मुस्लिम भाइयों को बधाई दी।
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रथ यात्रा का शुभारंभ करने पहुंचे मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री हरीश रावत इस खुशी के माहौल में खुद को रोक न सके। मुख्यमंत्री हरे कृष्णा..कृष्णा..कृष्णा.. हरे हरे..... भजन पर नाचने लगे।
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सीएम ने शहरवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज का दिन बेहद खास है। हमारे राज्य में हर धर्म के त्योहार इसी तरह एक साथ हंसी खुशी मनाए जाएं तो कोई हमारी एकता को तोड़ नहीं सकता।
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श्री श्री जगन्नाथ रथ यात्रा समिति की ओर से शनिवार को भव्य रथ के साथ जगन्नाथ यात्रा निकाली गई। वैदिक मंत्रोच्चारण के बाद रथ को खींचा गया। इस दौरान काफी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। पूजा अर्चना के बाद मुख्यमंत्री ने सड़क पर झाड़ू भी लगाया।
श्री राम मंदिर दीपलोक कालोनी बल्लूपुर रोड से रथयात्रा का शुभारंभ हुआ। श्री सुदर्शन जी, श्री बलभद्र, सुभद्रा और जगन्नाथ जी का सुसज्जित रथ देख लोग अभिभूत हुए।
इस मौके पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, मसूरी विधायक गणेश जोशी, पंडित सुबास चंद्र शतपथी, आरके गुप्ता, संजय गर्ग, राकेश भाटिया, भूपेंद्र चड्डा, सुनील गोयल आदि मौजूद रहे।
यहां से गुजरी रथ यात्रा
जगन्नाथ रथ यात्रा गुरुद्वारा साधु संगत सईद मोहल्ला, बिंदाल पुल, कनॉट प्लेस, घंटाघर से पल्टन बाजार, धामावाला, शाकुंभरी देवी मंदिर, भंडारी चौक से तिलक रोड और फिर बिंदाल पुल होते हुए चकराता रोड से श्री राम मंदिर दीपलोक वापस पहुंची। रथ यात्रा जिस स्थान से भी गुजरी वहीं क्षेत्रवासियों ने यात्रा का भव्य स्वागत किया।
19 साल बाद आए दो आषाढ़
यह दिन 19 वर्षों के बाद आया है। इस वर्ष पुरुषोत्तम मास होने से दो आषाढ़ आए हैं और जिस वर्ष दो आषाढ़ आते हैं उस वर्ष श्री जगन्नाथ का घट परिवर्तन होता है। यानि भगवान अपना पुराना शरीर त्याग कर नया शरीर धारण कर अपने भक्तों को दर्शन देते हैं।