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Dehradun News: जिले के खेतों की मिट्टी में होती जा रही बोरोन तत्व की कमी

Sun, 28 Jul 2024 02:54 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 28 Jul 2024 02:54 AM IST
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Its quantity in the soil of most farms is at very low levels
Iजिले में 250 नमूनों की जांच में हुई पुष्टि, बेहतर उत्पादन में महत्वपूर्ण है बोरोन I
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जिले के खेतों की मिट्टी में बोरोन तत्व की कमी होती जा रही है। अधिकांश खेतों की मिट्टी में इसकी मात्रा बेहद निचले स्तर पर है, जो बेहद चिंताजनक है। इसकी पुष्टि पिछले एक साल में हुए 250 नमूनों की जांच में हुई है। पौधों में फल-फूल बनाने के साथ ही बेहतर उत्पादन में बोरोन तत्व का खासा महत्व रहता है। कृषि निदेशालय परिसर में स्थित जिला मृदा परीक्षण प्रयोगशाला में मृदा जांच के लिए आ रहे नमूनों में अधिकतर बोरोन तत्व की कमी मिली है। मैदानी क्षेत्रों की अपेक्षा पर्वतीय क्षेत्रों की मिट्टी में इसकी मात्रा अत्यधिक कम है। वहीं, मैदानी क्षेत्रों के कुछ नमूनों में कार्बन की मात्रा भी कम मिल रही है। प्रयोगशाला के प्रभारी डॉ. आनंद सिंह रावत ने बताया कि मैदानी क्षेत्रों में रसायनिक उर्वरकों के ज्यादा इस्तेमाल से कार्बन की मात्रा प्रभावित हो रही है। उन्होंने बताया कि फसलों के बेहतर उत्पादन के लिए 17 पोषक तत्वों की जरूरत होती है। इनमें सल्फर, जिंक, आयरन, कार्बन, हाइड्रोजन, ऑक्सीजन, नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटेशियम, कैल्शियम, तांबा, मोलिब्डेनम, निकल, क्लोरीन व मैंगनीज आदि शामिल हैं। साथ ही जो तत्व कम हैं, उनके लिए ऑर्गेनिक (गोबर व वनस्पतियों के अवशेष) के साथ ही इनॉर्गेनिक खाद (उर्वरक) का प्रयोग किया जाना आवश्यक है।

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Iइस तरह दूर करें बोरोन की कमीI

गोबर आदि की जैविक खाद का भरपूर प्रयोग कर किसान बोराेन की कमी को दूर कर सकते हैं। खेत में पानी की मात्रा सही रहनी चाहिए। रासायनिक नियंत्रण के लिहाज से बोरोन युक्त उर्वरकों का किसान प्रयोग की सकते हैं। फसलों की पत्तियों पर छिड़काव के लिए डाइसोडियम ऑक्टाबोरेट टेट्रहाइड्रेट (बोरोना 20 प्रतिशत) का भी प्रयोग किया जा सकता है।
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Iइन फसलों पर पड़ता है ज्यादा प्रभावI
बोरोन की कमी का असर गेहूं, धान, सेब, केला, जौ, सेम, पत्तागोभी, फूलगोभी, काबुली चना, खीरा, बैंगन, लहसुन, अंगूर, मक्का, आम, खरबूजा, बाजरा, भिंडी, प्याज, पपीता आदि पर ज्यादा पड़ता है।
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Iक्या करता है बोरोन I
फसलों को बड़ा होने में कई तरह के पोषक तत्वों की जरूरत होती है। इनमें बोरोन महत्वपूर्ण तत्व है। बोरोन पौधों की कोशिकाओं में घुलनशील रूप में होता है। बिना बोरोन के पौधे अपना जीवन चक्र पूरा नहीं कर सकते हैं। फूल में परागण, परागनली का निर्माण, फल व दाना बनाना, पादप हार्मोन्स को पौधे के सभी अंगों तक पहुंचाने का कार्य बोरान करता है। बोरोन की कमी से पौधे रोग ग्रसित होकर नष्ट हो जाते हैं।
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