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Dehradun News: लॉजिस्टिक ड्रोन से रसद और दवाएं पहुंचाएगी आईटीबीपी
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-केंद्रीय गृहमंत्री ने किया शुभारंभ, 15 किलोग्राम सामग्री ले जाने में सक्षम
-लद्दाख की जस्सर चौकी में सेल्फ सस्टेनेबल एनर्जी बिल्डिंग का भी उद्घाटन
आईटीबीपी अब ऊंचाई वाले स्थानों पर लॉजिस्टिक ड्रोन से दवाएं और रसद पहुंचा सकेगी। इसके लिए 15 किलोग्राम तक वजन ले जाने वाले ड्रोन का केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सीमाद्वार स्थित परेड स्थल से वर्चुअल रूप से शुभारंभ किया। इसके साथ ही लद्दाख की जस्सर चौकी में सेल्फ सस्टेनेबल एनर्जी बिल्डिंग का उद्घाटन भी किया गया। बेहद कम तापमान वाले इस स्थान में आईटीबीपी के जवान आसानी से रह सकेंगे। केंद्रीय गृहमंत्री ने इस दौरान ई-स्मारिका और फ्लिब बुक का विमोचन भी किया।
इस मौके पर केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि 17000 फीट पर बनी चौकी की यह सेल्फ सस्टेनेबल एनर्जी बिल्डिंग बेहद खास है। बिल्डिंग प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से हिमवीरों को दीपावली की एक अनूठी भेंट है। जब यहां बाहर का तापमान शून्य से 40-45 डिग्री नीचे चला जाता है और पेट्रोल या डीजल का उपयोग नहीं हो पाता है, ऐसे में ये बिल्डिंग 18-19 डिग्री तापमान में जवानों को सुरक्षित रखेगी। उन्होंने कहा कि इस बिल्डिंग को महज दो महीनों में ही तैयार कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि आइटीबीपी में लॉजिस्टिक ड्रोन भी एक नई पहल है। दुर्गम क्षेत्रों और ऊंचाई पर स्थित बीओपी (बार्डर आब्जरवेशन पोस्ट) पर सब्जियों, दवाओं और अन्य जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति के लिए ड्रोन के इस्तेमाल की कल्पना प्रधानमंत्री मोदी ने हम सबके सामने रखी थी।
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लो मेडिकल कैटेगिरी वाले हिमवीरों को अब निचली पोस्ट पर तैनाती
-अग्रिम चौकियों पर तैनात की गई हैं 500 हिम वीरांगनाए
अग्रिम चौकियों पर तैनात लो मेडिकल कैटेगिरी के हिमवीरों को ऊंचाई वाले स्थानों से हटाकार निचली चौकियों में तैनात किया जा रहा है। इसकी जानकारी देते हुए आईटीबीपी के महानिदेशक अनीश दयाल ने कहा कि बल का संरचनात्मक ढांचे में विस्तार किया जा रहा है। अब अग्रिम चौकियों पर हिम वीरांगनाओं की तैनाती भी की जा रही है। शुरुआती दौर में 500 हिम वीरांगनाओं को तैनात किया गया है।
दयाल ने कहा कि वर्ष 1962 में आइटीबीपी की सिर्फ चार वाहिनी थी। अब इनकी संख्या बढ़कर 60 हो गई है। इसके अलग चार विशेष वाहिनी भी बल में मौजूद हैं। बीते वर्षों तक देश की सीमाओं पर 180 चौकियां थीं। इनकी संख्या भी बढ़कर अब 195 हो गई है। फिटनेस प्रोग्राम के बूते लो मेडिकल कैटेगिरी पांच प्रतिशत की भी कमी आ गई है। जवानों को शारीरिक व मानसिक रूप से फिट रखने के लिए विभिन्न प्रोग्राम भी संचालित किए जा रहे हैं। पर्वतारोहण व अन्य साहसिक खेलों में भी बल के जवान देश-दुनिया में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। आपदा प्रबंधन कार्यों में भी हिमवीर हमेशा सबसे आगे रहते हैं।
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जवानों के साहसिक करतबों ने भरा दर्शकों के दिलों में जोश
-महिला हिमवीरों के प्रदर्शन ने मोहा मन, जूड़ो में करतब देख लोगों ने दबाई दांतों तले उंगलियां
स्थापना दिवस पर आईटीबीपी के विभिन्न दस्तों ने साहसिक करतब दिखाए। इन करतबों ने दर्शकों के दिलों में जोश भर दिया। परेड में इस साल पहली बार महिला घुड़सवार दस्ता भी शामिल हुआ था। परेड कमांडेंट मुकेश त्यागी ने नेतृत्व में परेड ने शानदार मार्च पास्ट किया। परेड में पूर्वी, उत्तरी फ्रंटियर, उत्तर पश्चिमी सीमांत, नक्सल स्पेशलिस्ट दस्ता, महिला व पुरुष कमांडो दस्ता, स्की दस्ता, श्वान दस्ता, पर्वतारोही दस्ता, पैरा ट्रूपर्स, महिला घुड़सवार दस्ता ने अपने कड़े प्रशिक्षण और तैयारी का परिचय दिया। इसके बाद योग, हिम वीरांगनाओं की वेपन ड्रिल, पीटी, मार्शल आर्ट, पाइप बैंड आदि के प्रदर्शन पर पंडाल तालियों से गूंज उठा। कमांडो दस्ते की अगवानी असिस्टेंट कमांडेंट योगेश दहिया,महिला कमांडो की असिस्टेंट कमांडेंट परजीत कौर और घुड़सवार महिला दस्ता की अगवानी डिप्टी कमांडेंट डा. चारू जायसवाल ने की।
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इन्हें मिला सम्मान
पुलिस वीरता पदक
डिप्टी कमांडेंट अशोक कुमार, डिप्टी कमांडेंट अमित कुमार, असिस्टेंट कमांडेंट प्रभात मुकुल, इंस्पेक्टर सुरेश लाल, इंस्पेक्टर नीला सिंह, सब इंस्पेक्टर कुलदीप राज, हेड कांस्टेबल हमेश कुमार, कांस्टेबल शक्ति कुमार, कांस्टेबल ब्रह्म चंद्र।
विशिष्ठ सेवा पदक
डीआइजी रामाकांत शर्मा, डीआइजी गिरीश चंद्र उपाध्याय, डीआइजी संदीप खोसला, कमांडेंट धर्मपाल सिंह रावत, कमांडेंट राजेश, डिप्टी कमांडेंट महेंद्र सिंह, इंस्पेक्टर ईश्वर सिंह, इंस्पेक्टर बिशन सिंह।
सर्वोत्तम बटालियन ट्राफी
बेस्ट बार्डर बटालियन- 25वीं बटालियन तेजु, अरुणाचल प्रदेश।
सर्वेश्रेष्ठ स्वच्छ बटालियन ट्राफी- 28वीं बटालियन रेवाड़ी।
राजभाषा वार्षिक चलट्राफी- टेलीकाम बटालियन।
सर्वश्रेष्ठ ग्रीन बटालियन- 36वीं बटालियन लोहाघाट।
गृहमंत्री असाधारण आसूचना कुशलता पदक- डिप्टी कमांडेंट सुनील कुमार।
सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी-हेड कांस्टेबल प्रवीण तीसरी बटालियन
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-लद्दाख की जस्सर चौकी में सेल्फ सस्टेनेबल एनर्जी बिल्डिंग का भी उद्घाटन
आईटीबीपी अब ऊंचाई वाले स्थानों पर लॉजिस्टिक ड्रोन से दवाएं और रसद पहुंचा सकेगी। इसके लिए 15 किलोग्राम तक वजन ले जाने वाले ड्रोन का केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सीमाद्वार स्थित परेड स्थल से वर्चुअल रूप से शुभारंभ किया। इसके साथ ही लद्दाख की जस्सर चौकी में सेल्फ सस्टेनेबल एनर्जी बिल्डिंग का उद्घाटन भी किया गया। बेहद कम तापमान वाले इस स्थान में आईटीबीपी के जवान आसानी से रह सकेंगे। केंद्रीय गृहमंत्री ने इस दौरान ई-स्मारिका और फ्लिब बुक का विमोचन भी किया।
इस मौके पर केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि 17000 फीट पर बनी चौकी की यह सेल्फ सस्टेनेबल एनर्जी बिल्डिंग बेहद खास है। बिल्डिंग प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से हिमवीरों को दीपावली की एक अनूठी भेंट है। जब यहां बाहर का तापमान शून्य से 40-45 डिग्री नीचे चला जाता है और पेट्रोल या डीजल का उपयोग नहीं हो पाता है, ऐसे में ये बिल्डिंग 18-19 डिग्री तापमान में जवानों को सुरक्षित रखेगी। उन्होंने कहा कि इस बिल्डिंग को महज दो महीनों में ही तैयार कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि आइटीबीपी में लॉजिस्टिक ड्रोन भी एक नई पहल है। दुर्गम क्षेत्रों और ऊंचाई पर स्थित बीओपी (बार्डर आब्जरवेशन पोस्ट) पर सब्जियों, दवाओं और अन्य जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति के लिए ड्रोन के इस्तेमाल की कल्पना प्रधानमंत्री मोदी ने हम सबके सामने रखी थी।
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-अग्रिम चौकियों पर तैनात की गई हैं 500 हिम वीरांगनाए
अग्रिम चौकियों पर तैनात लो मेडिकल कैटेगिरी के हिमवीरों को ऊंचाई वाले स्थानों से हटाकार निचली चौकियों में तैनात किया जा रहा है। इसकी जानकारी देते हुए आईटीबीपी के महानिदेशक अनीश दयाल ने कहा कि बल का संरचनात्मक ढांचे में विस्तार किया जा रहा है। अब अग्रिम चौकियों पर हिम वीरांगनाओं की तैनाती भी की जा रही है। शुरुआती दौर में 500 हिम वीरांगनाओं को तैनात किया गया है।
दयाल ने कहा कि वर्ष 1962 में आइटीबीपी की सिर्फ चार वाहिनी थी। अब इनकी संख्या बढ़कर 60 हो गई है। इसके अलग चार विशेष वाहिनी भी बल में मौजूद हैं। बीते वर्षों तक देश की सीमाओं पर 180 चौकियां थीं। इनकी संख्या भी बढ़कर अब 195 हो गई है। फिटनेस प्रोग्राम के बूते लो मेडिकल कैटेगिरी पांच प्रतिशत की भी कमी आ गई है। जवानों को शारीरिक व मानसिक रूप से फिट रखने के लिए विभिन्न प्रोग्राम भी संचालित किए जा रहे हैं। पर्वतारोहण व अन्य साहसिक खेलों में भी बल के जवान देश-दुनिया में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। आपदा प्रबंधन कार्यों में भी हिमवीर हमेशा सबसे आगे रहते हैं।
जवानों के साहसिक करतबों ने भरा दर्शकों के दिलों में जोश
-महिला हिमवीरों के प्रदर्शन ने मोहा मन, जूड़ो में करतब देख लोगों ने दबाई दांतों तले उंगलियां
स्थापना दिवस पर आईटीबीपी के विभिन्न दस्तों ने साहसिक करतब दिखाए। इन करतबों ने दर्शकों के दिलों में जोश भर दिया। परेड में इस साल पहली बार महिला घुड़सवार दस्ता भी शामिल हुआ था। परेड कमांडेंट मुकेश त्यागी ने नेतृत्व में परेड ने शानदार मार्च पास्ट किया। परेड में पूर्वी, उत्तरी फ्रंटियर, उत्तर पश्चिमी सीमांत, नक्सल स्पेशलिस्ट दस्ता, महिला व पुरुष कमांडो दस्ता, स्की दस्ता, श्वान दस्ता, पर्वतारोही दस्ता, पैरा ट्रूपर्स, महिला घुड़सवार दस्ता ने अपने कड़े प्रशिक्षण और तैयारी का परिचय दिया। इसके बाद योग, हिम वीरांगनाओं की वेपन ड्रिल, पीटी, मार्शल आर्ट, पाइप बैंड आदि के प्रदर्शन पर पंडाल तालियों से गूंज उठा। कमांडो दस्ते की अगवानी असिस्टेंट कमांडेंट योगेश दहिया,महिला कमांडो की असिस्टेंट कमांडेंट परजीत कौर और घुड़सवार महिला दस्ता की अगवानी डिप्टी कमांडेंट डा. चारू जायसवाल ने की।
इन्हें मिला सम्मान
पुलिस वीरता पदक
डिप्टी कमांडेंट अशोक कुमार, डिप्टी कमांडेंट अमित कुमार, असिस्टेंट कमांडेंट प्रभात मुकुल, इंस्पेक्टर सुरेश लाल, इंस्पेक्टर नीला सिंह, सब इंस्पेक्टर कुलदीप राज, हेड कांस्टेबल हमेश कुमार, कांस्टेबल शक्ति कुमार, कांस्टेबल ब्रह्म चंद्र।
विशिष्ठ सेवा पदक
डीआइजी रामाकांत शर्मा, डीआइजी गिरीश चंद्र उपाध्याय, डीआइजी संदीप खोसला, कमांडेंट धर्मपाल सिंह रावत, कमांडेंट राजेश, डिप्टी कमांडेंट महेंद्र सिंह, इंस्पेक्टर ईश्वर सिंह, इंस्पेक्टर बिशन सिंह।
सर्वोत्तम बटालियन ट्राफी
बेस्ट बार्डर बटालियन- 25वीं बटालियन तेजु, अरुणाचल प्रदेश।
सर्वेश्रेष्ठ स्वच्छ बटालियन ट्राफी- 28वीं बटालियन रेवाड़ी।
राजभाषा वार्षिक चलट्राफी- टेलीकाम बटालियन।
सर्वश्रेष्ठ ग्रीन बटालियन- 36वीं बटालियन लोहाघाट।
गृहमंत्री असाधारण आसूचना कुशलता पदक- डिप्टी कमांडेंट सुनील कुमार।
सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी-हेड कांस्टेबल प्रवीण तीसरी बटालियन