उत्तराखंड में सेना के गेट पर ISI का लेटर 'बम', हाई अलर्ट जारी
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रुड़की में सेना के गेट पर धमकी भरा पत्र मिलने के बाद अब पुलिस और खुफिया विभाग को आईएसआई एजेंट की तलाश है।
आईएसआई के नाम से मिली ये चिट्ठी डाक से तो पाकिस्तान से आई नहीं। नजर बचाकर किसी ने चिट्ठी सेना के गेट पर फेंके जाने का अनुमान है। पुलिस और खुफिया विभाग सरगर्मी से उसकी तलाश में जुटा है।
पंजाब के पठानकोट में आतंकी हमले के बाद अर्द्धकुंभ की संवेदनशीलता बढ़ गई थी। इसके बाद 19 जनवरी को चार स्थानीय युवकों की आईएस कनेक्शन में गिरफ्तारी से इसमें कई गुना इजाफा हो गया।
आईबी के इनपुट पर स्थानीय खुफिया विभाग द्वारा पकड़े गए चार युवकों के संपर्क में रहे अन्य संदिग्ध आतंकियों की तलाश में सरगर्मी से जुटा है। फरार मोहसिन और कोलकाता के एक युवक समेत कई संदिग्ध खुफिया विभाग के रडार पर हैं।
कहीं ध्यान भटकाने की साजिश तो नहीं
इन परिस्थितियों में पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई के नाम से मिली चिट्ठी ने नई हलचल पैदा कर दी है। संदिग्ध चिट्ठी पर न किसी का पता और न डाकखाने की मुहर है। ऐसे में ये साफ है कि चिट्ठी को कोई संदिग्ध ही गेट पर रखकर गया है।
ये कोई आईएसआई का एजेंट भी हो सकता है। फिलहाल पुलिस और खुफिया विभाग आईएसआई के नाम से चिट्ठी रखने वाले शख्स की तलाश में जुट गया है। एसपी देहात प्रमेन्द्र डोबाल ने बताया कि चिट्ठी को गंभीरता से लिया जा रहा है। चिट्ठी सेना के गेट तक कैसे पहुंची और इसका उद्देश्य क्या था, इसकी पूरी पड़ताल की जा रही है।
संदिग्ध चिट्ठी के पीछे की असल कहानी से तो जांच के बाद ही पर्दा उठ पाएगा। मगर आतंकी कनेक्शन में चार युवकों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस और खुफिया विभाग संदिग्धों की तलाश में जुटा है।
संदिग्ध चिट्ठी मिलने पर कई सवाल उठ रहे हैं। चिट्ठी को आईएस मॉडयूल्स की गिरफ्तारी से ध्यान भटकाने की साजिश के तौर पर भी देखा जा रहा है। अधिकारी भी ये बात मान रहे हैं कि ये चिट्ठी पहले से रडार पर चल रहे संदिग्धों से ध्यान हटाने की भी साजिश हो सकती है।