काम के फाइनल पेमेंट के लिए ठेकेदार से मांगी थी घूस, लग गई वाट
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सिंचाई खंड चमोली के अधिशासी अभियंता (ईई) उमेश कुमार को विजिलेंस की टीम ने 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
विजलेंस ने दो घंटे तक ईई के सरकारी आवास पर उनसे पूछताछ की और बैंक खाते, एलआईसी की पॉलिसी को भी खंगाला। ईई उमेश कुमार उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले का रहने वाला है।
सिंचाई विभाग के पंजीकृत ठेकेदार रविंद्र बर्तवाल ने फरवरी 2016 में मंडल घाटी के कुनकुली गांव में 1,98,743 की लागत से नहर निर्माण का ठेका लिया था।
25 हजार रुपये की घूस मांगी थी
भूस्खलन से यह नहर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गई थी। बाद में विभाग ने इसकी लंबाई बढ़ाते हुए अतिरिक्त कार्य के लिए 64 हजार रुपये स्वीकृत किए थे।
इसी काम की फाइनल पेमेंट के लिए सिंचाई खंड चमोली के ईई उमेश कुमार ने रविंद्र बर्तवाल से 25 हजार रुपये की घूस मांगी थी। रविंद्र ने इसकी लिखित शिकायत पुलिस अधीक्षक, मुख्यालय सतर्कता अधिष्ठान देहरादून से की। शनिवार दोपहर 12 बजे ईई उमेश कुमार को रिश्वत देने के लिए रविंद्र उसके आवास पर पहुंचा।
जैसे ही उसने 15 हजार रुपये ईई को दिए, डिप्टी एसपी रेनू लुहानी के नेतृत्व में विजिलेंस की आठ सदस्यीय टीम ने ईई को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। करीब दो घंटे तक टीम ने आरोपी से पूछताछ भी की।