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उत्तराखंडः मैदानों में निवेश, पहाड़ों में पलायन बढ़ा, 19 साल बाद भी नहीं लगे बड़े उद्योग

Sat, 10 Aug 2019 03:04 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sat, 10 Aug 2019 03:04 PM IST
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Investment in plains, migration in mountains increased in uttarakhand
प्रतीकात्मक

राज्य गठन के बाद तीन मैदानी जिलों में जहां औद्योगिक निवेश बढ़ा हैं, वहीं पहाड़ों से पलायन बढ़ा है। पिछले 19 सालों में औद्योगिक विकास की रफ्तार हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और देहरादून जिलों तक ही सीमित रही हैं। पहाड़ों में एक भी बड़ा उद्योग स्थापित नहीं हुआ है। ऐसे में युवाओं को रोजगार के लिए मैदानों की तरफ पलायन करना पड़ा। अब सरकार ने पर्वतीय क्षेत्रों में औद्योगिक विकास के लिए अलग-अलग क्षेत्र चिन्हित कर सर्विस सेक्टर पर फोकस किया है। 

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राज्य बनने के समय उत्तराखंड में कुल 9000 करोड़ रुपये का औद्योगिक निवेश था। जो 19 सालों में बढ़ कर 50 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यह निवेश मैदानी जिले हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और देहरादून से आगे नहीं बढ़ पाया है। पहाड़ों में रोजगार उपलब्ध न होने से युवाओं को मैदानों में आना पड़ा। पारंपरिक हैंडलूम, हैंडीक्राफ्ट लघु एवं कुटीर उद्योग भी बहुराष्ट्रीय कंपनियों से प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाए। वर्तमान में प्रदेश में 60466 एमएसएमई इकाइयां स्थापित है। जिसमें 12 हजार 743 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। जबकि 293 बड़े उद्योग में 36 हजार 388 करोड़ का निवेश हुआ है। पर्वतीय क्षेत्रों में औद्योगिक विकास में सबसे बड़ी बाधा पर्याप्त भूमि, कनेक्टिविटी और ढांचागत विकास का न होना है। 
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पहाड़ों में उद्यमिता विकास को बढ़ावा देकर पलायन को रोकने के लिए सरकार ने वर्ष 2015 में एमएसएमई पॉलिसी को लागू किया। इसके तहत छोटे उद्योग लगाने के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया गया। पर्वतीय क्षेत्रों की श्रेणी बना कर सब्सिडी व ब्याज दर में छूट का प्रावधान भी किया। इसके साथ ही ग्रोथ सेंटर, पर्यटन एवं वेलनेस, कृषि आधारित फूड प्रोसेसिंग आदि तमाम क्षेत्रों को चिन्हित कर सरकार निवेशकों को प्रोत्साहित कर रही है।
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- सुधीर चंद्र नौटियाल, निदेशक, उद्योग विभाग

यह बात सही है कि जिस गति से पहाड़ों में औद्योगिक विकास होना चाहिए था, वह नहीं हुआ है। निवेश वहीं होता है, जहां उद्योग लगाने के लिए आधारभूत ढांचे का विकास, कनेक्टिविटी, व भूमि की उपलब्धता हो। पहाड़ों में निवेश के लिए सरकार को व्यवहारिक पक्ष को ध्यान में रखते हुए लोगों में विश्वास पैदा करने की जरूरत है।
- पंकज गुप्ता अध्यक्ष, इंडस्ट्री एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड

ये है प्रदेश के सात औद्योगिक क्षेत्रों में उद्योगों की स्थिति
औद्योगिक क्षेत्र         क्षेत्रफल (एकड़ में)        उद्योग        निवेश (करोड़ में)
हरिद्वार                        1665                    713        7500
पंतनगर                         3234                526            16225
सेलाकुई                        50                        39            250
कोटद्वार                        100                    120            610
आईटी पार्क देहरादून        72.35                60                676
सितारगंज                        1093                367            2200
सितारगंज-दो                    1763.57            11            2297

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