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उत्तराखंड के एक लाख पेंशनरों की होगी जांच
राकेश खंडूड़ी/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 20 Jul 2017 01:41 PM IST
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जांच
- फोटो : demopic
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समाज कल्याण विभाग की विभिन्न पेंशन योजनाओं का लाभ ले रहे छह लाख 70 हजार में से एक लाख पेंशनरों की जांच की जाएगी। यह फैसला विकलांग पेंशन योजना में बड़े पैमाने पर सामने आए फर्जीवाड़े के मद्देनजर लिया गया है।
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अकेले देहरादून में विकलांग पेंशन योजना के 12 हजार प्रकरणों में से करीब 16 फीसदी मामलों में एक ही नाम के व्यक्ति विभाग की दो या दो से अधिक पेंशन लेकर सरकारी खजाने को चूना लगा रहे हैं।
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जांच के घेरे में आए एक लाख कथित पेंशनर्स ने बार-बार कहने के बावजूद आधार लिंक नहीं करवाया है। गौरतलब है कि इन संदिग्ध एक लाख पेंशन भोगियों पर सरकार 120 करोड़ रुपये सालाना खर्च कर रही है।
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गौरतलब है कि समाज कल्याण की विभिन्न पेंशन योजनाओं में सरकार सालाना करीब 800 करोड़ रुपए खर्च कर रही है। पेंशन योजनाओं में फर्जीवाड़े को रोकने के लिए इसे आधार से लिंक करने की कवायद शुरू हुई तो पता चला कि करीब एक लाख पेंशनर तमाम बार कहने के बाद भी अपना आधार लिंक नहीं करवा रहे हैं।
विभाग ने जब इसकी गहराई से पड़ताल की तो बड़ी तादाद में इनके फर्जी होने की जानकारियां मिलीं। यह देखते हुए इन सभी पेंशनरों को नोटिस जारी करने जा रहा है। नोटिस का संतोषजनक जवाब न मिलने पर विभाग पेंशन पट्टे निरस्त करेगा। प्रदेश के आईटी विभाग के मुताबिक, 96 प्रतिशत लोगों ने आधार कार्ड बनवा लिया है, मगर समाज कल्याण विभाग में पेंशन ले रहे 85 से 86 फीसदी लोगों ने ही अपना आधार लिंक किया है। इससे विभाग को गड़बड़ी का अंदेशा है और उसने इनका सत्यापन करने की रणनीति बनाई है।
एक नाम पर पांच-पांच पेंशन पट्टे
देहरादून में विकलांग पेंशन के आंकड़ों की पड़ताल करने के बाद 12 हजार प्रकरणों में से 1927 मामलों में डुप्लीकेसी सामने आई है। मिसाल के तौर पर जयपाल सिंह नामक एक व्यक्ति के नाम पर पांच पेंशन पट्टे हैं। रिकार्ड में जयपाल सिंह के पिता का नाम बलबीर सिंह दर्ज है। वह हल्द्वाड़ी का निवासी है। दो पट्टों पर उसका पता कैलाशपुर तंतोवाला, रायपुर दर्ज है। बाकी तीन पर एक ही पता है। इसी तरह मोथरोवाला की कमलेश के नाम दो पट्टे हैं। एक पट्टे में पिता का नाम बसंत दर्ज है तो दूसरे में बसंत सिंह दर्ज है। दोहरे पेंशन के सैकड़ों मामले हैं। भौतिक सत्यापन के बाद फर्जी पेंशन पट्टों की संख्या और बड़ी हो सकती है।
पेंशन पर सालाना 800 करोड़ रुपये खर्च
समाज कल्याण विभाग वृद्धा, विधवा और दिव्यांग पेंशन पर सालाना करीब 800 करोड़ रुपये खर्च कर रहा है। आधार लिंक न करने वाले करीब एक लाख पेंशनभोगी संदेह घेरे में आ गए हैं। इन्हें विभाग 120 करोड़ रुपये सालाना पेंशन के रूप में भुगतान कर रहा है। दो-दो आधार कार्ड बनाकर या समान नाम वाले आधार कार्ड के जरिये डबल पेंशन लेने की संभावना से विभाग इंकार नहीं कर रहा है।
-436063 लोग वृद्धावस्था पेंशन ले रहे हैं
-146729 को विधवा पेंशन मिल रही है
-65794 को विकलांग पेंशन दी जा रही है
-21838 लोग किसान पेंशन ले रहे हैं
पेंशन भोगियों द्वारा एक से अधिक आधार कार्ड बनाए जाने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। हमारा संदेह करीब एक लाख पेंशन भोगियों को लेकर है, जिन्होंने अपना आधार विभाग से लिंक नहीं कराया है। वहीं आईटी विभाग का दावा है कि 96 प्रतिशत लोगों का आधार बनाया जा चुका है। सचिव समाज कल्याण ने विभाग को आधार लिंक न करने वाले पेंशन भोगियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। जवाब न मिलने पर उनके पट्टे निरस्त किए जाएंगे। जवाबदेही भी तय होगी और नियमानुसार एक्शन लिया जाएगा।
- विष्णु सिंह धनिक, निदेशक, समाज कल्याण विभाग
मैंने विकलांग पेंशन का सरसरी तौर पर आकलन करके डुप्लीकेसी के प्रकरण चिन्हित किए हैं। जिला समाज कल्याण अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि वे इन प्रकरणों का कायदे से सत्यापन कराएं।
- मनोज चंद्रन, अपर सचिव, समाज कल्याण