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Dehradun: ठग सोसाइटी संचालकों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने के निर्देश, देश से बाहर भागने की भी आशंका

Thu, 27 Mar 2025 02:57 PM IST
रेनू सकलानी माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Thu, 27 Mar 2025 02:57 PM IST
सार

ठग सोसाइटी के संचालकों के खिलाफ मुकदमों में कार्रवाई की एडीजी समीक्षा कर रहे थे।सोसाइटी के खिलाफ देहरादून, उत्तरकाशी और पौड़ी जिलों में सात मुकदमे दर्ज हैं।
 

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Instructions to issue red corner notice against the operators of Thug Society Dehradun Uttarakhand News
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

छोटी जमा योजनाओं में लोगों के इकट्ठा किए गए करोड़ों ठगने वाली लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट को-ऑपरेटिव सोसाइटी (एलयूसीसी) के संचालकों के देश से बाहर भागने की भी आशंका है। इसके लिए एडीजी कानून व्यवस्था वी मुरुगेशन ने लुक आउट सर्कुलर और रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने के निर्देश दिए हैं।

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उन्होंने जल्द इंटरपोल की मदद लेने के लिए भी कहा है। ताकि, उन्हें गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई की जा सके। एडीजी मुरुगेशन बुधवार को पुलिस मुख्यालय में एलयूसीसी के खिलाफ दर्ज मुदकमों में हुई अब तक की कार्रवाई की समीक्षा कर रहे थे। इस सोसाइटी के खिलाफ देहरादून, उत्तरकाशी और पौड़ी जिलों में सात मुकदमे दर्ज हैं।

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सोसाइटी की 35 शाखाओं को संचालित करता था अग्रवाल
समीक्षा बैठक में जिलों के पुलिस कप्तान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। उन्होंने सभी को कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश दिए। इस सोसाइटी का मुख्य संचालक मुंबई का रहने वाला समीर अग्रवाल है। वह यहां इस सोसाइटी की 35 शाखाओं को संचालित करता था। इसके अलावा मध्य प्रदेश का पंकज अग्रवाल और उत्तर प्रदेश का शाबाब हुसैन भी शामिल है।
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एडीजी ने कहा कि इनके विदेश भागने की आशंका के चलते जल्द से जल्द इंटरपोल से संपर्क किया जाए। इसके अलावा जो लोग उत्तर प्रदेश व अन्य राज्यों की जेल में बंद हैं उन्हें बी वारंट पर राज्य में लाया जाए। निवेशकों के धन की वापसी के लिए इनकी संपत्तियों को जब्त करने की कार्यवाही की जाए।


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इसके अलावा आरोपियों के संबंध में ईडी, आयकर विभाग आदि को भी विस्तृत जानकारी दी जाए। एडीजी ने इसके अलावा रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज से भी रिकॉर्ड प्राप्त करने के लिए कहा। साथ ही इन मुदकमों में उत्तराखंड प्रोटेक्शन ऑफ इंटरेस्ट ऑफ डिपोजिट एक्ट 2005 और बैनिंग ऑफ अनरेगुलेटेड डिपोजिट स्कीम एक्ट 2019 (बड्स एक्ट) के तहत भी कार्रवाई की जाए। ताकि, सक्षम अधिकारी को निवेशकों की रकम लौटाने के लिए पत्राचार किया जा सके।
 

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