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दून वैली में उद्योग लगाना होगा आसान, शासन ने केंद्र सरकार को भेजा प्रस्ताव

Thu, 01 Aug 2019 02:45 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal हरीश कंडारी, अमर उजाला, देहरादून
हरीश कंडारी, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Thu, 01 Aug 2019 02:45 PM IST
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Industrialization will be easy in Dool Valley
प्रतीकात्मक

पर्यावरणीय दृष्टि से तीस साल पहले जारी दून वैली नोटिफिकेशन में बदलाव की तैयारी की जा रही है। पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सहमति के बाद शासन ने इस संबंध में प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया है। तीस साल पहले जारी इस नोटिफिकेशन में बदलाव के बाद उद्योगों की कैटेगरी में भी बदलाव हो जाएगा। जिससे दून में सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योग लगाने वालों को काफी राहत मिलेगी। 

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1989 में दून वैली में बड़ी संख्या में चूने की खान हुआ करती थी। जिनमें बेतहाशा खनन होता था। उसे पर्यावरणीय दृष्टि से ठीक नहीं माना गया। जिसके बाद पर्यावरण एवं वन मंत्रालय की ओर से दून घाटी में इस प्रकार के कार्यों को रोकने के लिए 1989 में दून वैली नोटिफिकेशन जारी किया। जिससे यहां पर प्रदूषण वाले उद्योगों को पूर्णत: प्रतिबंधित कर दिया और कम प्रदूषणकारी उद्योगों जिन्हें पॉल्यूशन इंडेक्स के हिसाब से ग्रीन और ऑरेंज श्रेणी में रखा गया है, उनको ही यहां अनुमति दी गई।
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यह उद्योग भी मंत्रालय के एनओसी के बाद ही लगाए जा सकते हैं। हालांकि वर्ष 2016 में मंत्रालय की ओर से उद्योगों की कैटेगरी में बदलाव कर कर दिया है। जिसमें एक और कै टेगरी व्हाइट बना दी है। जिनमें कम प्रदूषणकारी उद्योगों को शामिल किया है, लेकिन दून में अभी भी तीस साल पहले लागू दून वैली नोटिफिकेशन के नियम लागू हैं। जिससे उद्यमियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उद्योग संघों व एसोसिएशनों के साथ ही उद्योग विभाग कई सालों से नोटिफिकेशन में बदलाव की मांग कर रहा है। जिसके बाद अब तीस साल पुराने इस कानून को बदलने की तैयारी हो रही है।

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एमएसएमई सेक्टर को मिलेगा लाभ

केंद्र सरकार के 2016 के नोटिफिकेशन के यहां लागू होने के बाद सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योगों को काफी लाभ मिलेगा। अभी कई ऐसे छोटे उद्योग हैं, जो प्रदूषणकारी न होने के बाद भी दून वैली नोटिफिकेशन मेें ग्रीन और ऑरेंज श्रेणी में आते हैं। इन्हें लगाने के लिए केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से अनुमति लेने पड़ती है। जिससे उद्यमियों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। 

बदलाव के बाद यह होगी उद्योगों की श्रेणी
श्रेणी        पॉल्यूशन इंडेक्स
रेड     :    60 से अधिक
ऑरेंज    :     41 से 59
ग्रीन    :     21 से 40 
व्हाइट    :    20 और इससे कम 

इन उद्योगों को मिलेगा लाभ
एयर कूलर, एयर कंडीनर, बाईसाइकिल, बेबी कैरिज, चाय की पैकेजिंग, चॉक मेकिंग, कॉटन, वूलन हौजरी, इलेक्ट्रिक बल्ब, सीएफएल फैक्ट्री, पेपर पिन, क्लिप, सोलर पावर, सर्जिकल एंड मेडिकल प्रोडक्ट असेम्बलिंग सहित लगभग 36 उद्योग। 

नोटिफिकेशन में बदलाव केंद्र स्तर पर होना है। बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पास कर शासन को भेज दिया गया है। शासन की ओर से प्रस्ताव केंद्र को भेजा है। 
- एसपी सुबुद्घि, सदस्य सचिव, पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड  

दून वैली नोटिफिकेशन में बदलाव के लिए औद्योगिक संगठन लगातार मांग उठा रहे हैं। नोटिफिकेशन के चलते दून वैली में छोटे उद्योग स्थापित नहीं हो पा रहे। इसमें बदलाव से छोटे, लघु और मध्यम सेक्टर को काफी फायदा होगा।
- अनिल मारवाह, निवर्तमान अध्यक्ष उत्तराखंड इंडस्ट्रियल एसोसिएशन

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