इन्वेस्टर्स समिट में उत्तराखंड को रेलमंत्री का तोहफा, रोपवे, मोनो और नेरो गेज से जुड़ेगा चारधाम
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ऋषिकेश से कर्णप्रयाग रेल लाइन के साथ ही रेल मंत्रालय चारों धामों को जोड़ने के लिए रोपवे, मोनो रेल और नेरो गेज रेल लाइन के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने यह खुलासा किया। गोयल ने कहा कि उन्होंने इसका प्रस्ताव बनाने के आदेश दिए हैं। इससे चारधाम यात्रा और अधिक आकर्षक हो जाएगी। चारों धामों को जोड़ने के लिए 44 हजार करोड़ रुपये खर्च का अनुमान है।
रेल मंत्री महाराणा प्रताप खेल स्टेडियम में आयोजित इन्वेस्टर्स समिट में प्रेस ब्रीफिंग कर रहे थे। इस दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या चारों धामों को रेल कनेक्टिविटी की योजना का विस्तार होगा तो उन्होंने कहा कि मंत्रालय इस प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। केवल रेल कनेक्टिविटी के बजाय नेरो गैज रेल, मोनो रेल और रोपवे के विकल्पों पर सोचा जा रहा है।
इससे यात्रा ज्यादा आकर्षक हो सकेगी और ज्यादा लोगों को लुभाएगी। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश से कर्णप्रयाग के बीच 125 किमी रेल लाइन का निर्माण होना है। इस पर 16200 करोड़ रुपये निवेश है। ऋषिकेश से वीरभद्र सेक्शन का निर्माण 2020 तक हो जाएगा। ऋषिकेश में वर्ल्ड क्लास मॉडल का एक रेलवे स्टेशन बनाया जाएगा। पत्रकार वार्ता में वित्त मंत्री प्रकाश पंत भी उनके साथ मौजूद थे।
प्रदेश में रेलवे का निवेश तीन गुना हुआ
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में रेल परियोजनाओं में 2009 से 2014 तक हर साल 187 करोड़ रुपये का निवेश हुआ, जबकि 2014 से 2019 तक हर साल 577 करोड़ रुपये का निवेश होगा। कुल मिलाकर रेलवे पांच सालों में पौने तीन हजार करोड़ रुपये निवेश करेगा।
प्रगति और पर्यावरण में संतुलन की वकालत
गोयल ने प्रगति और पर्यावरण में संतुलन की वकालत की। उन्होंने कहा कि अवस्थापना के क्षेत्र में विस्तार करते समय सतत विकास का भी ध्यान रखना होगा। इसके मद्देनजर ही ऋषिकेश-कर्णप्रयाग के बीच सौ फीसदी इलेक्ट्रिक ट्रेन होगी। डीजल इंजन नहीं चलाया जाएगा।
सीएम को दी बधाई
केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने इन्वेस्टर्स समिट के आयोजन के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत व उनकी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि वे बहुत खुश हैं कि उन्हें इसमें शिरकत करने का अवसर प्राप्त हुआ है। केंद्र और प्रदेश सरकार डबल इंजन की तरह उत्तराखंड के विकास में सहभागी बनेंगे।