{"_id":"599a6cb04f1c1b735b8b4984","slug":"indian-banana-import-should-stop-demanded","type":"story","status":"publish","title_hn":"भारतीय केले के आयात पर रोक लगाने की मांग ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भारतीय केले के आयात पर रोक लगाने की मांग
ब्यूरो/अमर उजाला, बनबसा (चंपावत)
Updated Mon, 21 Aug 2017 10:46 AM IST
विज्ञापन
केला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नेपाल के कंचनुपर में कैलाली कंचनपुर केला संघर्ष समिति फल उत्पादकों की एक दिवसीय कार्यशाला में भारत से नेपाल को होने वाले केले के आयात पर रोक लगाने की मांग की उठाई गई।
विज्ञापन
कहा गया कि भारतीय केले की खेप नेपाल पहुंचने से उनके यहां का उत्पाद नहीं बिक पा रहा है। उन्होंने भारत से नेपाल को होने वाले फलों के आयात से पूर्व सीमा पर जांच कराने की मांग भी उठाई।
विज्ञापन
कंचनुपर के गोदावरी में कैलाली कंचनपुर केला संघर्ष समिति ने ‘केला खेती की संभावना और चुनौती’ विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया। नेपाल के केला उत्पादकों ने अंतरराष्ट्रीय मानकों के तहत सीमा पर जांच कराए जाने की मांग की। कैलाली के केला उत्पादक लक्षीराम ने कहा कि भारतीय केलों के नेपाल पहुंचने से नेपाली फल उत्पादकों को नुकसान हो रहा है।
विज्ञापन
राष्ट्रीय कृषक महासंघ के केंद्रीय सदस्य प्रकाश थापा ने भारत से आयात होने वाले फल और सब्जियों के उत्पादन में अत्यधिक रसायन होने की बात कही और इन्हें खाने के अयोग्य बताया। राष्ट्रीय जनमोर्चा कंचनपुर के अध्यक्ष लोकेंद्र लम्साल ने कहा कि नेपाल सरकार की नीतिगत कमी के चलते नेपाल फल उत्पादकों को नुकसान हो रहा है।
टेक बहादुर सिंह ने बताया कि नेपाल के कैलाली और कंचनपुर जिलों में करीब एक हजार हेक्टेयर भूमि पर केले की व्यावसायिक खेती की जा रही है। जिसमें 1500 बड़े किसान व्यावसायिक रूप में केले का उत्पादन करने में लगे हैं।