बाड़ाहोती में चीन के इरादों पर इस तरह पानी फेरने की तैयारी में सेना
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीमाओं पर चीन के साथ तनातनी और चमोली जिले के बाड़ाहोती में चीन की बार-बार घुसपैठ को देखते हुए भारतीय सेना गौचर हवाई पट्टी को अधिगृहीत कर सकती है।
इसके साथ ही सूत्रों की मानें तो सेना फिलहाल गौचर के सामने बमोथ गांव के निकट हेलीपैड बनाने पर विचार कर रही है और सेना की टेक्निकल टीम इसका निरीक्षण भी कर चुकी है। हालांकि गौचर हवाई पट्टी को सेना की ओर से अधिगृहीत किए जाने सेना और प्रशासन ने कोई अधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
चमोली जिले की बाड़ाहोती सीमा में चीन की लगातार घुसपैठ बढ़ती जा रही है। ऐसी स्थिति में भारत को इस क्षेत्र में सैन्य बल के साथ-साथ एयर डिफेंस सिस्टम को मजबूत करने की जरूरत है। सेना के अधिकारी भी इस बात को मानते आ रहे हैं।
अधिकारी गौचर हवाई पट्टी का निरीक्षण कर जायजा ले चुके हैं
चमोली जिले में एयर डिफेंस सिस्टम को मजबूत करने के लिए फिलहाल सेना के पास गौचर हवाई पट्टी ही एकमात्र साधन है। वर्ष 2014 में सेना के अधिकारी गौचर हवाई पट्टी का निरीक्षण कर जायजा ले चुके हैं।
हाल ही जून माह में सेना की टेक्निकल टीम निकटवर्ती बमोथ गांव का सर्वेक्षण कर चुकी है और सेना यहां हेलीपैड बनाने पर विचार कर रही है।
कर्णप्रयाग के एसडीएम केएन गोस्वामी का कहना है कि बमौथ गांव के आसपास सेना का हेलीपैड बनाने की बात सामने आई है। सेना ने हेलीपैड निर्माण के लिए भूमि चिह्निकरण करने के लिए समय मांगा गया था। गौचर हवाई पट्टी को सेना की ओर से अधिगृहीत करने की कोई जानकारी नहीं है।