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कालापानी विवाद: नए नक्शे को संवैधानिक मान्यता देने के बाद भारत के खिलाफ अब इस तैयारी में है नेपाल

Wed, 20 May 2020 10:02 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, टनकपुर/बनबसा (चंपावत)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, टनकपुर/बनबसा (चंपावत) Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 20 May 2020 10:02 PM IST
सार

  • भारत की भूमि को अपना दिखा भारत से ही सकारात्मक रुख की उम्मीद
  • नेपाल ने नए नक्शे को दी संवैधानिक मान्यता, इसमें लिपुलेख, कालापानी और लिम्पियाधूरा सहित भारत का 372 वर्ग किमी. क्षेत्र शामिल
  • नए नक्शे के संबंध में संयुक्त राष्ट्रसंघ के अलावा अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं एवं समुदायों को जानकारी देने की तैयारी

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India Nepal Dispute: Nepal Prime Minister New plan against India after Give new map constitutional recognition
Nepal PM KP Sharma Oli - फोटो : Social Media

विस्तार

नेपाल ने बुधवार को भारत के कालापानी, लिपुलेख और लिम्पियाधूरा समेत 372 वर्ग किमी. क्षेत्र को अपने देश का हिस्सा बताते हुए तैयार किए गए नए राजनीतिक और प्रशासनिक नक्शे को संवैधानिक मान्यता दे दी है। नेपाल की भूमि व्यवस्था, सहकारी तथा गरीबी निवारण मंत्री पद्मा अर्याल ने नए नक्शे को सार्वजनिक भी कर दिया है।

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भारत के विरोध को दरकिनार कर उन्होंने नए नक्शे पर भारत के सकारात्मक रुख की उम्मीद भी जता दी। नेपाल अब अपने नए नक्शे के संबंध में संयुक्त राष्ट्रसंघ के अलावा अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं एवं समुदायों को जानकारी देने की तैयारी करने जा रहा है।
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यह भी पढ़ें: नेपाल के प्रधानमंत्री ने कहा 'कालापानी और लिपुलेख को वापस लेकर रहेंगे'
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नेपाल प्रधानमंत्री कार्यालय के मुख्य सचिव लोकदर्शन रेग्मि ने बुधवार को इस आशय का आदेश भी जारी किया है। नए आदेश के मुताबिक अब नेपाल की सभी प्रशासनिक व्यवस्थाओं, सरकारी कार्यालयों, सांसद चिह्न, संविधान के लोगो, संविधान की किताब और शिक्षा में पुराने नक्शे की जगह नए नक्शे का प्रयोग होगा।

भारत से सकारात्मक रुख की उम्मीद

नेपाल सरकार की भूमि व्यवस्था सहकारी एवं गरीबी निवारण मंत्री पद्मा अर्याल ने अपने मंत्रालय में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में नए नक्शे का अनावरण किया। उन्होंने कहा कि नेपाल को विश्वास है कि इस नए नक्शे पर भारत का रुख सकारात्मक होगा।

उन्होंने भारत के साथ द्विपक्षीय वार्ता में जल्द विवाद सुलझने की उम्मीद जताई। नेपाली प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के प्रमुख सलाहकार बिष्णु रिमाल ने भी बुधवार को नए नक्शे को ट्विटर पर जारी किया। नेपाल सरकार इस नक्शे पर 18 मई को ही मुहर लगा चुकी थी।

भारत की 372 वर्ग किमी भूमि को अपना दर्शाया

नए नक्शे के मुताबिक अब नेपाल का नया क्षेत्रफल 1 लाख 47 हजार 5 सौ 16 वर्ग किलोमीटर है। इस नए नक्शे में लिपुलेख, कालापानी, लिम्यिाधूरा सहित करीब 372 वर्ग किमी क्षेत्र को नेपाल में दर्शाया गया है। इस नक्शे के माध्यम से नेपाल भारत पर 372 वर्ग किलोमीटर भूमि को अतिक्रमण किए जाने की बात कह रहा है।

लिपुलेख तक सड़क के उद्घाटन के बाद से गरमाया विवाद
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा 8 मई को लिपुलेख तक जाने वाली सड़क के उद्घाटन करने के बाद से यह विवाद गरमाया हुआ है। नेपाल का दावा है कि यह सड़क नेपाल से होकर गुजरती है। बगैर उसकी सहमति के कोई भी देश ऐसा कैसे कर सकता है। उत्तराखंड से लगी सीमा के आसपास के इलाकों में नेपाल के नए नक्शे का विरोध हो रहा है।

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