{"_id":"5e6e8d988ebc3ea7e80af930","slug":"increase-compensation-on-blown-electricity-devices-dehradun-news-drn339296364","type":"story","status":"publish","title_hn":"देहरादूनः वोल्टेज के कारण फूंके उपकरणों का बढ़ सकता है मुआवजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
देहरादूनः वोल्टेज के कारण फूंके उपकरणों का बढ़ सकता है मुआवजा
Mon, 16 Mar 2020 10:15 AM IST
देहरादून ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 16 Mar 2020 10:15 AM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वोल्टेज के उतार-चढ़ाव के कारण उपभोक्ताओं के उपकरणों की मरम्मत के लिए जो मुआवजा मिलता है, उसकी धनराशि बढ़ सकती है। उपभोक्ताओं की ओर से इसके लिए विद्युत नियामक आयोग से लगातार मांग की जा रही है। ऐसे में विद्युत नियामक आयोग मुआवजा राशि बढ़ा सकता है।
विज्ञापन
दसअसल, वोल्टेज के उतार-चढ़ाव को ऊर्जा निगम को जिम्मेदार बताया गया है। नियामक आयोग ने वोल्टेज के कारण अगर उपभोक्ताओं के उपकरण टीबी, फ्रीज, कूलर, एसी फुंक ते हैं या खराब होते हैं तो मरम्मत के लिए पांच सौ रु पये का प्रावधान रखा है। जो ऊर्जा निगम निगम देता है, यह प्रावधान वर्ष 2007 में किया गया था।
विज्ञापन
हर साल बिजली की दरों के साथ ही कनेक्शन चार्ज आदि बढ़ाया जाता है, लेकिन 13 साल में मरम्मत के लिए मिलने वाली धनराशि नहीं बढ़ायी गई है। ऐसे में बार-बार उपभोक्ता मुआवजे की राशि को बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। विगत 6 मार्च को हुए जनसुनवाई के दौरान भी मुआवजे की धनराशि को बढ़ाने की मांग हुई थी।
विज्ञापन
समाजसेवी वीरू बिष्ट ने इस मामले को उठाकर मरम्मत की धनराशि दो हजार रुपये करने की मांग की थी। जिस पर विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष ने इस संबंध में उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि उपभोक्ताओं को अब वोल्टेज के कारण उपभोक्ताओं के उपकरण फुंकने के बाद मरम्मत के लिए अधिक धनराशि मिलेगी।
यह मामला उपभोक्ताओं की ओर से उठाया गया है। इसका संज्ञान में लिया गया है। टैरिफ घोषित करने के साथ ही उपकरणों की मरम्मत के लिए मुआवजा राशि बढ़ाने पर निर्णय लिया जाएगा।
- नीरज सती, सचिव, विद्युत नियामक आयोग