सावधान! नोटबंदी से पहले के लेन-देन की भी होगी जांच
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नोटबंदी के बाद ही नहीं बल्कि नोटबंदी से पहले के कैश ट्रांजेक्शन करने वाले भी आयकर विभाग की जांच की जद में आ गए हैं। विभाग ने सभी बैंकों से एक अप्रैल 2016 से लेकर नौ नवंबर 2016 के बीच की डिटेल्स मांगी है। यह जानकारी लेने के बाद आयकर विभाग आगे की कार्रवाई करेगा।
नोटबंदी के दौरान बैंकों से भारी भरकम ट्रांजेक्शन करने वाले करीब दो हजार लोगों को देहरादून स्थित इनकम टैक्स विभाग ने नोटिस जारी किए हैं। इनसे जवाब मांगा गया है कि उनके पास इतना पैसा कहां से आया।
इसके साथ ही विभाग ने अब 01 अप्रैल-09 नवंबर 2016 तक का डाटा भी बैंकों से मांगा है। इसके तहत सेविंग अकाउंट में 2.50 लाख और करेंट अकाउंट में 12.50 लाख रुपये से ऊपर कैश ट्रांजेक्शन करने वालों की डिटेल मांगी गई है।
बैंक नहीं दे रहे पूरी जानकारी
इन सभी जानकारियों का एक ओर इनकम टैक्स रिटर्न से मिलान किया जाएगा तो दूसरी ओर आयकर विभाग की ओर से सभी निर्धारित मानक से ऊपर कैश ट्रांजेक्शन करने वालों को नोटिस भेजेगा।
आयकर विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि अभी तब बैंकों ने नोटबंदी के दौरान हुए ट्रांजेक्शन की भी पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई है। पहले उन्हें वह जानकारी देनी होगी।
आशंका जताई जा रही है कि कई बैंकों ने इसमें बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की है। जो बैंक जानकारी उपलब्ध नहीं कराएगा, उसके अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।