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Dehradun News: स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार से 95% पहुंचा संस्थागत प्रसव
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-34 लाख लोगों को आरोग्य मंदिरों में मिली स्वास्थ्य सुविधाएं
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार से संस्थागत प्रसव 95 प्रतिशत तक पहुंच गया है। वहीं, मातृ मृत्यु अनुपात में 12.5 प्रतिशत की गिरावट आई है। एसआरएस 2021-23 की रिपोर्ट के अनुसार एमएमआर घटकर 91 प्रति लाख जीवित जन्म हो गया है। सैंपल रजिस्ट्रेशन सर्वे 2023 के अनुसार राज्य की नवजात मृत्यु दर 14 प्रति हजार जीवित जन्म, शिशु मृत्यु दर 20 और पांच वर्ष से कम आयु की मृत्यु दर 23 प्रति हजार जीवित जन्म है।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि प्रदेश में जागरूकता अभियान, आशा व एएनएम कार्यकर्ता के सहयोग से गर्भवती महिलाओं को संस्थागत प्रसव के लिए प्रेरित किया जा रहा है। वर्तमान में प्रदेश में 95 फीसदी प्रसव संस्थागत कराए जा रहे हैं। इसके साथ गर्भवती महिलाओं को कई सुविधाएं भी दी जा रही हैं।
मातृ स्वास्थ्य को सशक्त बनाने के लिए फरवरी में पल्स एनीमिया अभियान के तहत कुल 57 हजार से अधिक गर्भवती महिलाओं की एनीमिया जांच की गई। जबकि स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान के तहत हजारों महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच की गई। प्रदेश के 13 जिलों में 2059 आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित किए जा रहे हैं। जहां पर प्रतिवर्ष लगभग 34 लाख से अधिक लाभार्थियों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। बीते तीन वर्षों में 30 आयु वर्ग एवं इससे अधिक आयु के 28.80 लाख लाभार्थियों की उच्च रक्तचाप व मधुमेह की जांच आरोग्य मंदिरों की गई। इसके अलावा 28.4 लाख लाभार्थियों के मुख कैंसर, 13.1 लाख महिलाओं के स्तन कैंसर की जांच भी की गई।
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टीबी उन्मूलन में अग्रणी प्रदेश
उत्तराखंड टीबी उन्मूलन में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी राज्य है। केंद्र सरकार की ओर से वर्ष 2024 में दिए गए 28 हजार के लक्ष्य के सापेक्ष राज्य ने दिसंबर माह तक कुल 29319 (105 प्रतिशत) व माह जुलाई 2025 तक दिए 16333 लक्ष्य के सापेक्ष 18400 (113 प्रतिशत) टीबी रोगी चिह्नित किए हैं। प्रदेश में कुल 17421 निक्षय मित्र बनाए गए।
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अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार से संस्थागत प्रसव 95 प्रतिशत तक पहुंच गया है। वहीं, मातृ मृत्यु अनुपात में 12.5 प्रतिशत की गिरावट आई है। एसआरएस 2021-23 की रिपोर्ट के अनुसार एमएमआर घटकर 91 प्रति लाख जीवित जन्म हो गया है। सैंपल रजिस्ट्रेशन सर्वे 2023 के अनुसार राज्य की नवजात मृत्यु दर 14 प्रति हजार जीवित जन्म, शिशु मृत्यु दर 20 और पांच वर्ष से कम आयु की मृत्यु दर 23 प्रति हजार जीवित जन्म है।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि प्रदेश में जागरूकता अभियान, आशा व एएनएम कार्यकर्ता के सहयोग से गर्भवती महिलाओं को संस्थागत प्रसव के लिए प्रेरित किया जा रहा है। वर्तमान में प्रदेश में 95 फीसदी प्रसव संस्थागत कराए जा रहे हैं। इसके साथ गर्भवती महिलाओं को कई सुविधाएं भी दी जा रही हैं।
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मातृ स्वास्थ्य को सशक्त बनाने के लिए फरवरी में पल्स एनीमिया अभियान के तहत कुल 57 हजार से अधिक गर्भवती महिलाओं की एनीमिया जांच की गई। जबकि स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान के तहत हजारों महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच की गई। प्रदेश के 13 जिलों में 2059 आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित किए जा रहे हैं। जहां पर प्रतिवर्ष लगभग 34 लाख से अधिक लाभार्थियों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। बीते तीन वर्षों में 30 आयु वर्ग एवं इससे अधिक आयु के 28.80 लाख लाभार्थियों की उच्च रक्तचाप व मधुमेह की जांच आरोग्य मंदिरों की गई। इसके अलावा 28.4 लाख लाभार्थियों के मुख कैंसर, 13.1 लाख महिलाओं के स्तन कैंसर की जांच भी की गई।
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टीबी उन्मूलन में अग्रणी प्रदेश
उत्तराखंड टीबी उन्मूलन में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी राज्य है। केंद्र सरकार की ओर से वर्ष 2024 में दिए गए 28 हजार के लक्ष्य के सापेक्ष राज्य ने दिसंबर माह तक कुल 29319 (105 प्रतिशत) व माह जुलाई 2025 तक दिए 16333 लक्ष्य के सापेक्ष 18400 (113 प्रतिशत) टीबी रोगी चिह्नित किए हैं। प्रदेश में कुल 17421 निक्षय मित्र बनाए गए।