IMA POP : तालिबानी सत्ता आने के बाद अधर में अफगानिस्तान के 43 कैडेट्स का भविष्य, आईएमए से पासआउट हुआ अंतिम बैच
पिछले साल 15 अगस्त को अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा हो गया था। तालिबानी कब्जे के दौरान अफगानिस्तान के 83 जेंटलमैन कैडेट्स आईएमए में सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे थे। इनमें से 40 कैडेट्स दिसंबर 2021 में हुई पासिंग आउट परेड के दौरान पास आउट हुए थे।
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आईएमए में अफगानिस्तान के कैडे्टस का इस बार अंतिम बैच है। 43 कैडेट्स अबकी बार पास आउट हुए, लेकिन इनका भविष्य अधर में नजर आ रहा है। आईएमए में अफगानिस्तान के कैडे्टस का इस बार अंतिम बैच है।
कारण है कि अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद अफगान राष्ट्रीय सेना का अस्तित्व समाप्त हो गया है। पिछले साल 15 अगस्त को अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा हो गया था। पिछले साल तालिबानी कब्जे के दौरान अफगानिस्तान के 83 जेंटलमैन कैडेट्स आईएमए में सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे थे।
इनमें से 40 कैडेट्स दिसंबर 2021 में हुई पासिंग आउट परेड के दौरान पास आउट हुए थे। शेष 43 कैडेट्स शनिवार को पास आउट हो जाएंगे। अफगानिस्तान में तालिबानी सत्ता आने के बाद कोई भी अफगान कैडेट्स सैन्य प्रशिक्षण के लिए आईएमए नहीं आया।
साल 2018 में 49 अफगान कैडेट्स हुए थे अकादमी से पास आउट
मौजूदा परिप्रेक्ष्य में आईएमए से पास आउट होने वाला अफगान कैडेट्स का यह अंतिम बैच है। साल 2018 में भी 49 अफगान कैडेट्स अकादमी से पास आउट हुए थे। इसके बाद दिसंबर 2020 में हुई पीओपी में 41 और जून 2021 में 43 कैडेट्स पास आउट हुए थे। भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) से आज शनिवार को 288 युवा अफसर देश की सेना की मुख्यधारा में जुड़ गए है। साथ ही अलग-अलग आठ मित्र देशों के 89 कैडेट्स भी अकादमी से पास आउट हुए। शनिवार को पासिंग आउट परेड की दक्षिण पश्चिमी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल अमरदीप सिंह सलामी ली।
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