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IMA POP 2018: हवलदार के बेटे को आईएमए का सर्वोच्च सम्मान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 10 Jun 2018 09:17 AM IST
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Sachin Cahar Sword Of Honor
- फोटो : amar ujala
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सेना से रिटायर्ड हवलदार के बेटे जीसी सचिन चाहर को भारतीय सैन्य अकादमी के सर्वोच्च सम्मान स्वार्ड ऑफ ऑनर अवार्ड से नवाजा गया। इसके साथ ही सचिन का सेना में अफसर बनने का सपना भी पूरा हो गया। पिता को वर्दी में देखकर बचपन से ही उन्होंने सेना में अफसर बनने का लक्ष्य बना लिया था। इस कामयाबी पर परिवार ने जमकर खुशी मनाई।
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हरियाणा के झज्जर निवासी चाहर परिवार के लिए शनिवार का दिन खुशियां लेकर आया। बेटे सचिन चाहर को स्वार्ड ऑफ ऑनर मिला। उनके पिता हवलदार कृष्ण कुमार चाहर, 2-जाट रेजीमेंट से सेवानिवृत्त हुए हैं जबकि मां शीला देवी गृहिणी हैं। मिलिट्री स्कूल धौलपुर, राजस्थान से 12वीं करने के बाद सचिन का चयन एनडीए में हो गया। इसके बाद उन्होंने आईएमए में एंट्री पाई।
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अकादमिक के साथ ही अन्य गतिविधियों में भी सर्वश्रेष्ठ चुने जाने पर उन्हें स्वार्ड ऑफ ऑनर से नवाजा गया। उनका कहना है कि पिता ही उनके लिए सबसे बड़े प्रेरणास्त्रोत हैं। बचपन से उन्होंने पिता को वर्दी में देखा तो वर्दी पहनने का सपना जगा। अब अफसर बनकर उनका यह सपना पूरा हो गया। उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि वह देश सेवा के लिए सेना में आएं। यह सबसे बेहतर प्रोफेशन है।
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मध्य प्रदेश के बेटे को गोल्ड मेडल
मध्य प्रदेश के बेटे जीसी आदित्य निखरा ने भारतीय सैन्य अकादमी की पासिंग आउट परेड में गोल्ड मेडल हासिल किया। उन्होंने शनिवार को हुई पासिंग आउट परेड में परेड कमांडर की भूमिका भी निभाई। वह अपने परिवार के पहले सैन्य अफसर हैं। मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ निवासी आदित्य निखरा ने खुद सेना की राह चुनी है। उनके पिता धीरेंद्र गुप्ता बिजनेसमैन और मां अभिलाषा गुप्ता गृहिणी हैं।
आदित्य ने 12वीं की पढ़ाई के बाद एनडीए की परीक्षा पास की। पिता ने आदित्य का हौसला बढ़ाया तो वह सेना की राह पर चल पड़े। आदित्य ने बताया कि उन्होंने खुद तय किया था कि सेना में जाना है। सेना में अफसर बनने का अनुभव वाकई ऐतिहासिक है। उनका कहना है कि इससे पहले एनडीए में भी प्रेसीडेंट फ्लैग मिल चुका है।
पिता की राह चलकर बेटा बना अफसर
Award winner cadet
- फोटो : amar ujala
पिता की राह पर चलकर बेटा भी सैन्य अफसर बन गया। शनिवार को आईएमए की पीओपी में जीसी रोहित दिलीप पटवर्धन ने टेक्निकल ग्रेजुएट सिल्वर मेडल हासिल किया। इस कामयाबी पर उनके परिवार में खुशी की लहर है। पुणे निवासी जीसी रोहित पटवर्धन ने मुंबई से बीटेक मेकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स (टीजीएस) के माध्यम से आईएमए में एंट्री पाई। शनिवार को वह आईएमए से पासआउट होकर अफसर बन गए। उन्होंने बताया कि उनके पिता कर्नल दिलीप पटवर्धन उनके लिए प्रेरणास्त्रोत हैं। उन्हें बचपन से ही वर्दी में देखकर ही मन में वर्दी के प्रति क्रेज पैदा हुआ। उनके पिता गुवाहाटी में तैनात हैं। उनकी मां अर्चना पटवर्धन भी इन खास लम्हों की साक्षी बनीं।
आतिश सहगल ने जीता सिल्वर मेडल
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर निवासी आतिश सहगल ने सिल्वर मेडल जीता। उन्होंने बताया कि बचपन का सपना आज साकार हो गया। उनके पिता अनिल सहगल बिजली विभाग में अधिशासी अभियंता हैं, जबकि माता कुसुम गृहणी हैं। सुजानपुर से पढ़ाई के बाद वर्ष 2014 में एनडीए की परीक्षा पास की। छोटा भाई आरुल नौवीं कक्षा का छात्र है। बेटे के अफसर बनने पर माता-पिता गदगद हैं।
महाराष्ट्र के कुलदीप को मिला ब्रांज
महाराष्ट्र के सतारा जिले के रहने वाले कुलदीप पवार को ब्रांज मेडल मिला है। बेटे के अफसर बनने पर माता-पिता की खुशी देखते ही बन रही थी। उन्होंने बताया कि सैनिक स्कूल में पढ़ाई के बाद वर्ष 2014 में उनका सेलेक्शन एनडीए में हुआ। पिता नाना साहेब पवार कोचिंग पढ़ाते हैं। माता छाया गृहणी हैं। वहीं, छोटा भाई इंद्रजीत बीटेक कर रहा है।
आतिश सहगल ने जीता सिल्वर मेडल
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर निवासी आतिश सहगल ने सिल्वर मेडल जीता। उन्होंने बताया कि बचपन का सपना आज साकार हो गया। उनके पिता अनिल सहगल बिजली विभाग में अधिशासी अभियंता हैं, जबकि माता कुसुम गृहणी हैं। सुजानपुर से पढ़ाई के बाद वर्ष 2014 में एनडीए की परीक्षा पास की। छोटा भाई आरुल नौवीं कक्षा का छात्र है। बेटे के अफसर बनने पर माता-पिता गदगद हैं।
महाराष्ट्र के कुलदीप को मिला ब्रांज
महाराष्ट्र के सतारा जिले के रहने वाले कुलदीप पवार को ब्रांज मेडल मिला है। बेटे के अफसर बनने पर माता-पिता की खुशी देखते ही बन रही थी। उन्होंने बताया कि सैनिक स्कूल में पढ़ाई के बाद वर्ष 2014 में उनका सेलेक्शन एनडीए में हुआ। पिता नाना साहेब पवार कोचिंग पढ़ाते हैं। माता छाया गृहणी हैं। वहीं, छोटा भाई इंद्रजीत बीटेक कर रहा है।