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Dehradun News: दो राजस्व उपनिरीक्षकों को रिलीव नहीं किया तो तीन तहसीलों में ठप होंगे काम
Fri, 30 Oct 2026 06:45 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
Updated Fri, 30 Oct 2026 06:45 PM IST
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- दो नवंबर से पूर्ण कार्य बहिष्कार का एलान, 360 राजस्व गांवों में प्रशासनिक कामकाज प्रभावित होने की आशंका
- डीएम के आदेश के बाद भी नहीं हुई तैनाती
संवाद न्यूज एजेंसी
कालसी। चकराता तहसील के दो राजस्व उपनिरीक्षकों को देहरादून सदर तहसील से मूल तैनाती स्थल पर वापस नहीं भेजे जाने से राजस्व कर्मियों में नाराजगी बढ़ गई है। जिलाधिकारी के आदेश के बावजूद दोनों उपनिरीक्षकों को रिलीव नहीं किए जाने पर पर्वतीय राजस्व निरीक्षक, राजस्व उप निरीक्षक तथा राजस्व सेवक संघ ने दो नवंबर से तीनों तहसीलों में पूर्ण कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी है।
चकराता तहसील के क्वांसी और मोहना राजस्व उपनिरीक्षक क्षेत्रों में सात अक्तूबर से ही राजस्व उपनिरीक्षक कार्य बहिष्कार कर रहे हैं। दोनों ने अपने बस्ते तहसील में जमा कर दिए हैं। अब आंदोलन के व्यापक होने से कालसी, चकराता और त्यूणी तहसीलों के 360 राजस्व गांवों में प्रशासनिक और राजस्व संबंधी कामकाज प्रभावित होने की आशंका है। इनमें आय, जाति और स्थायी निवास प्रमाणपत्र, भूमि संबंधी मामलों, दाखिल-खारिज और अन्य राजस्व कार्यों पर असर पड़ सकता है।
संघ के जिलाध्यक्ष देवेंद्र रावत और सचिव विशाल खत्री ने बताया कि चकराता तहसील में तैनात दो राजस्व उपनिरीक्षकों को लंबे समय से देहरादून सदर तहसील से संबद्ध किया गया है। जबकि चकराता में पहले से ही राजस्व उपनिरीक्षकों की कमी है। जिलाधिकारी ने 26 सितंबर को दोनों उपनिरीक्षकों को उनकी मूल तहसील चकराता के लिए रिलीव करने के आदेश दिए थे, लेकिन अब तक आदेश का पालन नहीं हुआ है।
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उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की कमी के चलते एक-एक राजस्व उपनिरीक्षक को कई-कई गांवों की जिम्मेदारी संभालनी पड़ रही है। इससे आम लोगों के साथ कर्मचारियों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। संघ ने चेतावनी दी कि 31 अक्तूबर तक दोनों उपनिरीक्षकों को रिलीव कर चकराता नहीं भेजा गया तो दो नवंबर से तीनों तहसीलों के राजस्व कर्मी पूर्ण कार्य बहिष्कार करेंगे। एसडीएम प्रेमलाल ने बताया कि जिलाधिकारी को पत्र भेजकर मामले से अवगत कराया गया है।
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- डीएम के आदेश के बाद भी नहीं हुई तैनाती
संवाद न्यूज एजेंसी
कालसी। चकराता तहसील के दो राजस्व उपनिरीक्षकों को देहरादून सदर तहसील से मूल तैनाती स्थल पर वापस नहीं भेजे जाने से राजस्व कर्मियों में नाराजगी बढ़ गई है। जिलाधिकारी के आदेश के बावजूद दोनों उपनिरीक्षकों को रिलीव नहीं किए जाने पर पर्वतीय राजस्व निरीक्षक, राजस्व उप निरीक्षक तथा राजस्व सेवक संघ ने दो नवंबर से तीनों तहसीलों में पूर्ण कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी है।
चकराता तहसील के क्वांसी और मोहना राजस्व उपनिरीक्षक क्षेत्रों में सात अक्तूबर से ही राजस्व उपनिरीक्षक कार्य बहिष्कार कर रहे हैं। दोनों ने अपने बस्ते तहसील में जमा कर दिए हैं। अब आंदोलन के व्यापक होने से कालसी, चकराता और त्यूणी तहसीलों के 360 राजस्व गांवों में प्रशासनिक और राजस्व संबंधी कामकाज प्रभावित होने की आशंका है। इनमें आय, जाति और स्थायी निवास प्रमाणपत्र, भूमि संबंधी मामलों, दाखिल-खारिज और अन्य राजस्व कार्यों पर असर पड़ सकता है।
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संघ के जिलाध्यक्ष देवेंद्र रावत और सचिव विशाल खत्री ने बताया कि चकराता तहसील में तैनात दो राजस्व उपनिरीक्षकों को लंबे समय से देहरादून सदर तहसील से संबद्ध किया गया है। जबकि चकराता में पहले से ही राजस्व उपनिरीक्षकों की कमी है। जिलाधिकारी ने 26 सितंबर को दोनों उपनिरीक्षकों को उनकी मूल तहसील चकराता के लिए रिलीव करने के आदेश दिए थे, लेकिन अब तक आदेश का पालन नहीं हुआ है।
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उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की कमी के चलते एक-एक राजस्व उपनिरीक्षक को कई-कई गांवों की जिम्मेदारी संभालनी पड़ रही है। इससे आम लोगों के साथ कर्मचारियों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। संघ ने चेतावनी दी कि 31 अक्तूबर तक दोनों उपनिरीक्षकों को रिलीव कर चकराता नहीं भेजा गया तो दो नवंबर से तीनों तहसीलों के राजस्व कर्मी पूर्ण कार्य बहिष्कार करेंगे। एसडीएम प्रेमलाल ने बताया कि जिलाधिकारी को पत्र भेजकर मामले से अवगत कराया गया है।