ICSE 10th Result 2022: एक नंबर से देश की टॉपर बनने से चूकीं तन्वी, स्वास्थ्य क्षेत्र में बनाना चाहती हैं कॅरियर
तन्वी भी अपने माता-पिता की तरह स्वास्थ्य क्षेत्र में कॅरियर बनाकर लोगों की सेवा करना चाहती हैं।
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आईसीएसई 10वीं के रिजल्ट में ऑल इंडिया रैंक में दूसरा स्थान प्राप्त कर उत्तराखंड टॉप करने वाली वाली दून की तन्वी शर्मा एक अंक से देश की टॉपर बनने से चूक गईं। उन्हें भी इस बात का मलाल है। हालांकि, तन्वी के अभिभावक उनकी इस सफलता से बेहद खुश हैं। तन्वी भी अपने माता-पिता की तरह स्वास्थ्य क्षेत्र में कॅरियर बनाकर लोगों की सेवा करना चाहती हैं।
राजधानी के डालनवाला निवासी तन्वी ने बताया कि परीक्षा के लिए उन्होंने कोई ट्यूशन या अतिरिक्त क्लास भी नहीं ली थी। बोर्ड परीक्षा के दौरान हर पेपर के लिए घंटों पढ़ाई की। उनकी मां डॉ. अमरदीप कौर ने कहा कि एक नंबर की अहमियत ऐसे मौकों पर समझ आती है। तन्वी ऑल इंडिया रैंक में पहला स्थान हासिल करने में .20 फीसदी से रह गईं। हालांकि, अपनी ओर से पूरी कोशिश की। इसके लिए तन्वी बधाई की पात्र हैं।
उन्होंने बताया कि तन्वी बचपन से ही होनहार छात्रा होने के साथ-साथ खेल व अन्य गतिविधियों में भी बढ़चढ कर हिस्सा लेती है। उसने हर प्रतियोगिता में अपने अभिभावकों और स्कूल का नाम रोशन किया। तन्वी के पिता कमांडर अजय शर्मा पेशे से डॉक्टर हैं।
केया ने खेल के बाद अब पढ़ाई में भी मार लिया मैदान
काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन की ओर से जारी आईसीएसई 10वीं के रिजल्ट में ऑल इंडिया रैंक में तीसरा स्थान प्राप्त करने वाली दून की केया अग्रवाल पढ़ाई के साथ-साथ खेल में भी चैंपियन हैं। उन्होंने हाल ही में नेशनल किक बॉक्सिंग प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीता है। रेस कोर्स निवासी केया के पिता मोहित अग्रवाल ने बताया कि वह बचपन से ही होनहार छात्रा रही है। वेल्हम गर्ल्स स्कूल की छात्रा केया को स्कूल की ओर से 15 दिन के लिए लंदन में आयोजित एक कार्यक्रम में भेजा गया था। वहां केया ने देश-विदेश की राजनीति के साथ भारतीय संस्कृति पर अपने विचार रखे थे। इतना ही नहीं, केया ने भातखंडे संगीत अभिमत विवि से कथक में स्नातक की पढ़ाई भी की है।
केया ने बताया कि वह सितंबर-अक्तूबर में इटली में होने वाली किक बॉक्सिंग प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। भविष्य की योजना के बारे में उन्होंने बताया कि फिलहाल 11वीं और 12वीं की परीक्षा पर पूरा ध्यान है। दोनों परीक्षाओं में टॉप कर वह डॉक्टर या इंजीनियर बनना चाहती हैं। केया की बड़ी बहन केनेई अग्रवाल हांगकांग में कार्यरत हैं। उन्होंने भी 12वीं की बोर्ड परीक्षा में 97 फीसदी अंक हासिल कर स्कूल का नाम रोशन किया था। केया की माता अंजुन अग्रवाल ने बताया कि केया हॉस्टल में रहती है। वहां कंप्यूटर भी इस्तेमाल नहीं कर सकते। उधर, कोरोना के मुश्किल समय में बेटी ने कड़ी मेहनत कर परिवार का नाम रोशन किया है। केया के पिता मोहित अग्रवाल दून बिजनेस स्कूल के चेयरमैन हैं जबकि मां पेशे से डॉक्टर हैं।
इंजीनियर बनना चाहते हैं टॉपर स्वस्तिक पंत
आईसीएसई 10वीं के रिजल्ट में ऑल इंडिया तीसरा स्थान प्राप्त करने वाले दून के स्वस्तिक पंत इंजीनियर बनना चाहते हैं। सुभाष रोड निवासी स्वस्तिक ब्राइडलैंड स्कूल के छात्र हैं। स्वस्तिक के भाई प्रणव पंत ने बताया कि बोर्ड परीक्षा से पहले स्वस्तिक ने अन्य दिनों के मुकाबले अधिक पढ़ाई की थी। कड़ी मेहनत और लगन ने उन्हें यह सफलता दिलाई है।
स्वस्तिक के पिता मनोज पंत प्लानिंग कमीशन विभाग में कार्यरत हैं जबकि मां इंद्रा पंत गृहणी हैं। उन्होंने कहा कि बेटे ने परिवार के साथ प्रदेश का नाम रोशन किया है। प्रणव हरियाणा में पत्रकारिता की पढ़ाई कर रहे हैं।