आईएएस स्टिंग केस: आरोपी उमेश कुमार शर्मा की ओर से दायर जमानत अर्जी पर कल होगी सुनवाई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक टीवी चैनल के सीईओ उमेश कुमार शर्मा की जमानत अर्जी पर मंगलवार को सुनवाई नहीं हो सकी। बचाव पक्ष ने मामले में तैयारी के लिए समय मांगा था, जिसे न्यायालय ने स्वीकार करते हुए सुनवाई को बुधवार का दिन नियत किया है। इसके अलावा पुलिस कस्टडी रिमांड के लिए दिए गए प्रार्थनापत्र पर भी न्यायालय में बुधवार को ही बहस होगी। मंगलवार को भी उमेश को अदालत में पेश किया गया था।
सोमवार को न्यायालय ने उमेश शर्मा को आठ नवंबर तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। इस दौरान पुलिस ने कस्टडी रिमांड और बचाव पक्ष ने जमानत अर्जी भी अदालत में दायर की थी। मंगलवार को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तृतीय रिंकी साहनी की अदालत में बचाव पक्ष और पुलिस के प्रार्थनपत्रों पर सुनवाई होनी थी। दोपहर से संबंधित मजिस्ट्रेट के छुट्टी पर जाने से मामले को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चतुर्थ शहजाद ए वाहिद की कोर्ट में प्रस्तुत किया गया।
उमेश शर्मा की ओर से स्थानीय अधिवक्ता एमएम लांबा ने तैयारियों के लिए समय मांगते हुए सुनवाई स्थगित करने की मांग की। न्यायालय ने मांग को स्वीकार करते हुए सुनवाई को बुधवार की तिथि नियत की। अब दोनों पक्षों के प्रार्थनापत्रों पर बुधवार को ही बहस होगी। अभियोजन की ओर से विधिक प्रक्रिया संयुक्त निदेशक अभियोजन जेएस बिष्ट के पर्यवेक्षण में चल रही है। इसमें कई अन्य अधिवक्ताओं से मशविरा भी लिया जा रहा है।
विशेष जैकेट भी करनी है पुलिस को बरामद
बचाव पक्ष की ओर से सोमवार को तो दिल्ली के अधिवक्ता करन गोगन अदालत में प्रस्तुत हुए थे। जबकि मंगलवार को उमेश के परिजनों ने अधिवक्ता एमएम लांबा को खड़ा किया। उमेश की जमानत और कस्टडी रिमांड को लेकर पूरे दिन न्यायालय में चर्चाएं रहीं। बचाव पक्ष के कुछ लोग जल्द ही उच्च न्यायालय जाने की बात भी कर रहे थे।
पुलिस को उमेश कुमार से एक विशेष जैकेट भी बरामद करनी है। यह जैकेट स्टिंग करने के लिए इस्तेमाल की जाती थी। इसी में खुफिया कैमरे और रिकॉर्डिंग डिवाइस फिट की जाती हैं। आयुष गौड़ को भी यही जैकेट पहनाकर देहरादून और दिल्ली में भेजा गया था। बताया जा रहा है कि देहरादून में मुख्यमंत्री आवास में जाने से पहले आयुष ने यह जैकेट निकालकर बाहर रख दी थी। रिमांड मांगने के लिए पुलिस ने इस जैकेट की बरामदगी का तर्क भी दिया है।
बता दें कि उमेश कुमार शर्मा को पुलिस ने रविवार सुबह गाजियाबाद, इंदिरापुरम स्थित उसके मकान से गिरफ्तार किया था। उसके घर से लगभग 51 लाख रुपये (देसी-विदेशी मुद्रा), कई ऑडियो-वीडियो और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद हुई थी। उसके बाद पुलिस इसे लेकर सोमवार देर रात देहरादून पहुंची थी।
पहले उसे राजपुर थाने में रखा गया। सुबह करीब साढ़े दस बजे पुलिस उसे न्यायालय लेकर पहुंची। यहां एक अधिवक्ता के निधन के शोक में सभी स्थानीय अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत थे। लिहाजा आरोपी ने अदालत में पहले खुद अपना पक्ष रखा। उसके बाद दिल्ली से आए अधिवक्ता ने उमेश शर्मा के बचाव में तर्क रखे। जबकि, अभियोजन पक्ष की अधिवक्ता ऋचा कोठियाल ने बचाव पक्ष के तर्कों का विरोध किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी को आठ नवंबर तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
इधर, पुलिस ने अदालत से आरोपी की पांच दिन की कस्टडी रिमांड मांगी। इंवेस्टिगेशन ऑफिसर एसओ राजपुर अरविंद कुमार ने बताया कि मामले में अभी कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद की जानी हैं। साथ ही पूर्व में दर्ज मजिस्ट्रेटी बयान में वादी आयुष गौड़ ने उमेश कुमार शर्मा पर लाइसेंसी असलाह से जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था। ऐसे में आरोपी से यह असलाह भी बरामद करना है। पुलिस के इस प्रार्थनापत्र पर मंगलवार को सुनवाई होगी।
सरकार ने फंसाया
उमेश कुमार शर्मा ने अदालत परिसर में पत्रकारों से कहा कि उसे सरकार ने फंसाया है। उसने कहा कि सरकार कभी भी उसके साथ अनहोनी करवा सकती है। इसीलिए उसे गिरफ्तार करने और कोर्ट में पेश करने के लिए इतनी बड़ी फौज लाई जा रही है।