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मेरी जान चली जाए, लोकतंत्र बचना चाहिए: हरीश रावत

Mon, 25 Apr 2016 11:32 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार Updated Mon, 25 Apr 2016 11:32 PM IST
सार

  • - हरीश रावत के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने निकाली दलबदल विरोधी पदयात्रा
  • - तानाशाही के बल पर प्रदेश में सरकार बनाना चाहती है भाजपा

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i would die but democracy should be alive: harish rawat.
हरीश रावत - फोटो : AmarUjala

विस्तार

निवर्तमान मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भारतीय जनता पार्टी पर प्रदेश को दलबदल विरोधी गतिविधियों की आग में धकेलने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी जान भले ही चली जाए लेकिन राज्य में लोकतंत्र की रक्षा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वे उत्तराखंड में लोकतंत्र को बचाने के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।

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सोमवार शाम कनखल स्थित ऐतिहासिक श्री दक्षेश्वर महादेव मंदिर में पूजा अर्चना के बाद हरकी पैड़ी तक निकाली गई दलबदल विरोधी पदयात्रा के शुरू होने से पहले हरीश रावत ने पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता की भूखी भाजपा लोकतांत्रिक सरकार को बर्खास्त कर अब खरीद फरोख्त और तानाशाही के बल पर अपनी सरकार बनाना चाहती है।
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जनता भाजपा को राज्य में दलबदल जैसी गतिविधियां थोपने के लिए कभी माफ नहीं करेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर मनमानी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पीएम के सामने तो वे असहाय हैं लेकिन भगवान शंकर से इंसाफ मांगने आए हैं। राज्य में लोकतंत्र की बहाली के लिए वे संघर्ष जारी रखेंगे।

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किसी भी हद तक गिर सकती है भाजपाः रावत

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हरीश रावत - फोटो : AmarUjala

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट द्वारा पीडीएफ के विधायकों को साथ नहीं देने पर उनके खिलाफ जांच बैठाने की धमकी देने पर उन्होंने कहा कि यह भाजपा की हिटलरशाही का प्रमाण है। भाजपा अब किसी भी हद तक गिर सकती है वह किसी को शारीरिक क्षति भी पहुंचा सकती है।

कांग्रेसियों द्वारा उनकी जान को खतरा बताए जाने के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि उनकी जान भले ही चली जाए लेकिन राज्य में लोकतंत्र बचना चाहिए।

पदयात्रा में उनके साथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी, पूर्व विधायक अंबरीष कुमार, प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष चौहान मनोहरलाल शर्मा, जिलाध्यक्ष तेलूराम, राजेंद्र चौधरी, संतोष कश्यप, एससीएसटी आयोग के अध्यक्ष किरणपाल वाल्मीकि, संजय पालीवाल, पुरुषोत्तम शर्मा, अंशुल श्रीकुंज, सतपाल ब्रह्मचारी, प्रदीप चौधरी, किरण सिंह समेत बड़ी संख्या में नेता और हजारों कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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