स्टिंग पर बोले रावत, मैने कब कहा मुझे विधायक चाहिए?
- स्टिंग के प्रकरण को पूर्व मुख्यमंत्री ने फिर बताया फरेब
- माना कि उमेश शर्मा से हुई थी जौलीग्रांट में मुलाकात
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बीजापुर गेस्ट हाउस में मीडिया से मुखातिब हरीश रावत ने कहा कि यह मीडिया के लिए भी आत्ममंथन का समय है। किसी प्रदेश का मुख्यमंत्री क्या इतना कमजोर हो सकता है कि वह किसी के भी झांसे में आ जाए। एक जन सेवक होने के नाते अगर कोई पत्रकार और वह भी एक मीडिया चैनल का कर्ताधर्ता कहे कि मैं बात करना चाहता हूं तो उसे कैसे मना किया जाए।
रावत ने कहा कि यह कोई कैसे कह सकता है कि वे खुद उक्त पत्रकार से मिलने गए थे। मैंने किसी को बुलाया भी नहीं। रावत ने सोशल मीडिया में आए सीडी के अंश का हवाला देते हुए कहा कि साफ दिख रहा है कि उक्त व्यक्ति 15 करोड़ रुपये देने की बात कर रहा है।
स्टिंगकर्ता के पास कहां से आए 15 करोड़
जांच इस बात की भी होनी चाहिए कि उक्त व्यक्ति के पास 15 करोड़ कहां से आए। अगर उक्त व्यक्ति कह रहा है कि वह (पत्रकार उमेश शर्मा) झूठ बोल रहा है तो यह कैसे मान लिया गया कि कथित स्टिंग में दिखाया गया दूसरा व्यक्ति झूठ नहीं बोल रहा है।
रावत ने कहा कि वे तो किसी गांव से जनसभा कर लौटते हुए जौलीग्रांट हवाई अड्डे पर रुके थे। वहां बातचीत भी हुई होगी। रावत ने कहा कि सोशल मीडिया में जो कुछ सामने आया है, उससे जाहिर कि प्रदेश की चुनी हुई सरकार को गिराने के लिए षडयंत्र किया गया। इस पर सवाल क्यों नहीं उठाया जा रहा है।