फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Husband Got 10 years imprisonment for wife murder in Dowry case

दहेज के लिए पत्नी को उतारा था मौत के घाट, कोर्ट ने सुनाई 10 साल सश्रम कारावास की सजा

Wed, 13 Mar 2019 06:27 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क/अमर उजाला, कोटद्वार
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, कोटद्वार Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 13 Mar 2019 06:27 PM IST
विज्ञापन
Husband Got 10 years imprisonment for wife murder in Dowry case
कारावास - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

उत्तराखंड में कोटद्वार के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रतिभा तिवारी की अदालत ने ऊधमसिंह नगर जिले के काशीपुर थाना क्षेत्र में वर्ष 2014 में हुए पवनरेखा दहेज हत्याकांड में मृतका के पति को 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। 

विज्ञापन


मामले में अन्य आरोपी मृतका की सास, ससुर और नौकर को कोर्ट ने सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया। पीड़ित पक्ष के आग्रह पर उत्तराखंड हाईकोर्ट ने यह मामला ऊधमसिंह नगर जिले से पौड़ी जिला न्यायालय को ट्रांसफर किया था। पौड़ी जिला जज कोर्ट ने यह मामला कोटद्वार स्थित अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय को हस्तांतरित कर दिया था। 
विज्ञापन


जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता जितेंद्र सिंह रावत ने बताया कि अजबपुर कला देहरादून निवासी शक्ति प्रसाद पुत्र दीपचंद ने वर्ष 2014 में काशीपुर थाने में अपनी बहन पवनरेखा की दहेज के लिए हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन


अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट काशीपुर की ओर से 13 अक्टूबर, 2014 को यह मामला सत्र परीक्षण विचारण के लिए जिला एवं सत्र न्यायाधीश ऊधमसिंह नगर को भेजा गया था। तब पीड़ित पक्ष के आग्रह पर उत्तराखंड हाईकोर्ट ने 19 अगस्त,  2016 को यह मामला सत्र परीक्षण के लिए पौड़ी जिले में ट्रांसफर कर दिया। 

तहरीर में मृतका के भाई शक्ति प्रसाद ने बताया था कि उनकी बहन पवनरेखा का विवाह 28 सितंबर, 2009 को सतेंद्र प्रकाश जोगियाल पुत्र मूर्तिराम निवासी काशीपुर के साथ हिंदू रीति रिवाज के साथ हुआ था। विवाह में उन्होंने अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान दहेज दिया। 

ससुरालियों की मांग पर कार भी दहेज में दी गई, लेकिन विवाह के दो हफ्ते बाद से दहेज कम लाने पर उसका उत्पीड़न शुरू कर दिया गया। लगातार उत्पीड़न के चलते ससुरालियों के साथ लिखित में समझौता भी हुआ था, लेकिन उत्पीड़न की घटनाएं नहीं रुकी। आरोप लगाया कि 11 जनवरी, 2014 की रात पूर्व नियोजित षड्यंत्र के साथ उसकी गला घोटकर हत्या कर दी गई। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले में 12 गवाह पेश किए गए थे। 

दोनों पक्षों की दलीलें और पत्रावलियों पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रतिभा तिवारी की अदालत ने मृतका के पति सतेंद्र प्रकाश जोगियाल को दस साल के सश्रम कारावास से दंडित करने की सजा सुनाई, जबकि मामले के अन्य आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed