सीएम त्रिवेंद्र की घोषणा, चीन सीमा से लगी नेलांग घाटी में बनेंगे होम स्टे, घूमने जा सकेंगे पर्यटक
- दशकों पहले नेलांग एवं जाढ़ूंग गांव से बेदखल हुए ग्रामीणों में जगी गांव आबाद होने की उम्मीद
- भारत-चीन युद्ध से पहले वर्ष 1960 में सीमावर्ती गांव नेलांग एवं जाढ़ूंग को खाली कराकर ग्रामीणों को बगोरी शिफ्ट कर दिया था।
- होम स्टे से ग्रामीणों की आर्थिकी मजबूत होने के साथ ही देश की सीमाओं को भी सुरक्षा और मजबूती मिलेगी।
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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने नेलांग वैली के बाशिंदों के लिए होम स्टे योजना को प्रोत्साहित करने की घोषणा की है। उनकी इस घोषणा से आधी सदी पूर्व अपने गांव नेलांग एवं जाढ़ूंग से बेदखल हुए ग्रामीणों को पुन: अपने गांव आबाद होने की उम्मीद जगी है।
भारत-चीमा से लगे इस क्षेत्र में अगर गांव आबाद हुए तो क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलने से ग्रामीणों की आर्थिकी मजबूत होगी। इसके साथ ही देश की सीमाओं की सुरक्षा और मजबूती मिलेगी।
बता दें कि सरकार ने भारत-चीन युद्ध से पहले वर्ष 1960 में सीमावर्ती गांव नेलांग एवं जाढ़ूंग को खाली कराकर ग्रामीणों को बगोरी शिफ्ट कर दिया था। आधी सदी से ज्यादा समय बीतने के बाद भी इन दोनों गांवों के ग्रामीण मुआवजे के लिए दर-दर भटक रहे हैं।
बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत एप्पल फेस्टिवल में शामिल होने हर्षिल पहुंचे थे। इस दौरान नेलांग एवं जाढ़ूंग गांव के जनजाति के समाज के पूर्व प्रधान एवं अन्य लोगों ने क्षेत्रीय विधायक गोपाल रावत एवं सीएम को ज्ञापन सौंपकर अवगत कराया कि वे अपने गांव की जमीन के मुआवजे की आस में आधी सदी से ज्यादा समय गुजार चुके हैं।
अब उन्हें मुआवजा नहीं चाहिए। सरकार उन्हें उनका गांव और जमीनें लौटा दें। ग्रामीणों ने बताया कि नेलांग गांव में तो सेना एवं आईटीबीपी ने न तो उनके खेत छोड़े और गांव के घरों के पत्थर तक अब वहां नहीं हैं। जाढ़ूंग गांव में 2-3 खंडहर भर बचे हैं। दोनों गांवों की करीब 1350 नाली जमीन का सरकार ने अभी तक मुआवजा नहीं दिया है।
एप्पल फेस्टिवल में किसानों के लिए कई घोषणाएं
एप्पल फेस्टिवल में शामिल होने हर्षिल पहुंचे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने क्षेत्र में किसानों की सुविधा के लिए हर 15 दिन में कृषि वैज्ञानिकों को भेजने का भरोसा भी दिलाया।
मुख्यमंत्री ने सेब प्रदर्शनी, फोटो गैलरी, गढ़ संग्रहालय का निरीक्षण किया। उन्होंने सेब से बना केक काटकर सभी लोगों को एप्पल फेस्टिवल की शुभकामनाएं दीं।
साथ ही जिला प्रशासन द्वारा ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत तैयार शॉर्ट मूवी और तिलक सोनी द्वारा लिखित ‘ट्रेकिंग गढ़वाल इन हिमालय’ पुस्तक का विमोचन किया। सीएम ने चीन सीमा से लगे भटवाड़ी, धारचुला, मुनस्यारी एवं जोशीमठ विकासखंड के विकास के लिए केंद्र की सीमांत विकास योजना की तर्ज पर स्टेट एरिया डेवलपमेंट योजना लागू करने की घोषणा की।
साथ ही उन्होंने सीमावर्ती किसानों के लिए अलग से किसान फंड बनाने की घोषणा भी की। गंगोत्री विधायक गोपाल रावत ने कहा कि एप्पल फेस्टिवल से क्षेत्र के ग्रामीणों को लाभ मिला है।
फेस्टिवल में राइंका हर्षिल के छात्र-छात्राओं के साथ ही पारंपरिक परिधानों में सजे ग्रामीणों ने लोकनृत्य किया। इस मौके पर जिले के प्रभारी मंत्री डा. धन सिंह रावत, डीएम डा. आशीष चौहान, एसपी पंकज भट्ट, डीएफओ संदीप कुमार, सीएमओ डा. डीपी जोशी, सहकारी बैंक के अध्यक्ष विक्रम रावत, विजय संतरी, विजयपाल मखलोगा आदि आदि मौजूद थे।
सीएम द्वारा की गई प्रमुख घोषणाएं
1-केंद्र की बीएडीपी की तर्ज पर सीमांत विकासखंडों के लिए लागू की जाएगी स्टेट बार्डर एरिया डेवलपमेंट योजना।
2-सीमावर्ती विकासखंडों के किसानों के लिए बनाया जाएगा अलग किसान फंड।
3-नेलांग वैली में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नेलांग से तीस किमी आगे तक का क्षेत्र पर्यटकों के लिए खोला जाएगा।
4-नेलांग के ग्रामीणों के घर बनाने के लिए अलग से फंड की व्यवस्था की जाएगा।
5-शीतमरुस्थल वाली नेलांग वैली में होम स्टे के लिए इस योजना के लाभ के अलावा सरकार अलग से सहायता करेगी।
6-हर 15 दिन में मिट्टी की जांच एवं बागवानी की जानकारी मुहैया कराने के लिए क्षेत्र में भेजे जाएंगे कृषि वैज्ञानिक।
श्रेष्ठ बुढेरा सम्मान से नवाजे गए लोग
एप्पल फेस्टिवल के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान एवं उपलब्धि हासिल करने वाले स्थानीय लोगों को श्रेष्ठ बुढेरा सम्मान से नवाजा गया। कृषि बागवानी के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए झाला के विकास कुमार एवं बगोरी के अमन सिंह राणा, पर्वतारोहण के क्षेत्र में उपलब्धि के लिए मुखबा गांव की देवयानी सेमवाल, विंटर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन व्यवसायी तिलक सोनी, कृषि बागवानी से जुड़ी पत्रकारिता के लिए अमर उजाला के सूरत सिंह रावत को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने सम्मानित किया।