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इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार राणा को गृहमंत्री पदक
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इंस्पेक्टर प्रदीप राणा।
- फोटो : DEHRADUN
इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार राणा को स्वतंत्रता दिवस पर गृहमंत्री पद के लिए चुना गया है। राणा वर्तमान में कोतवाल पटेलनगर के पद पर तैनात हैं। उन्हें यह पुरस्कार वर्ष 2018 में एसओ लक्ष्मणझूला रहते एक हत्या का खुलासा और उत्कृष्ट विवेचना करने के लिए दिया जा रहा है।
वर्ष 2018 में लक्ष्मणझूला थाना क्षेत्र में एक अज्ञात महिला का शव मिला था। 72 घंटे तक शव की शिनाख्त न होने के कारण उसका अंतिम संस्कार करा दिया गया। प्रथम दृष्टया मामला हत्या का ही लग रहा था। लिहाजा, पुलिस ने हत्या और साक्ष्य छुपाने के आरोप में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। काफी दिनों तक जांच करने पर कोई लीड नहीं मिली। इसके बाद खुद एसओ प्रदीप कुमार राणा ने तमाम रूट के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खोजी तो पता चला कि वह महिला एक स्कूटर पर दो युवकों के साथ घटनास्थल की ओर जा रही है। इसके बाद जांच करते हुए प्रदीप राणा व उनकी टीम युवकों तक पहुंच गई।
इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। हत्या के इस मुकदमे की मजबूत विवेचना की गई। इससे कोर्ट ने दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। बता दें कि गृहमंत्री पदक की शुरूआत वर्ष 2018 से ही की गई थी। इस साल उत्तराखंड से प्रदीप राणा अकेले पुलिसकर्मी हैं, जिन्हें यह सम्मान दिया जा रहा है।
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वर्ष 2018 में लक्ष्मणझूला थाना क्षेत्र में एक अज्ञात महिला का शव मिला था। 72 घंटे तक शव की शिनाख्त न होने के कारण उसका अंतिम संस्कार करा दिया गया। प्रथम दृष्टया मामला हत्या का ही लग रहा था। लिहाजा, पुलिस ने हत्या और साक्ष्य छुपाने के आरोप में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। काफी दिनों तक जांच करने पर कोई लीड नहीं मिली। इसके बाद खुद एसओ प्रदीप कुमार राणा ने तमाम रूट के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खोजी तो पता चला कि वह महिला एक स्कूटर पर दो युवकों के साथ घटनास्थल की ओर जा रही है। इसके बाद जांच करते हुए प्रदीप राणा व उनकी टीम युवकों तक पहुंच गई।
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इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। हत्या के इस मुकदमे की मजबूत विवेचना की गई। इससे कोर्ट ने दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। बता दें कि गृहमंत्री पदक की शुरूआत वर्ष 2018 से ही की गई थी। इस साल उत्तराखंड से प्रदीप राणा अकेले पुलिसकर्मी हैं, जिन्हें यह सम्मान दिया जा रहा है।
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