होमगार्ड विभाग पर सरकार मेहरबान, बरसों पुरानी मांग पूरी
होमगार्ड विभाग पर हरीश रावत सरकार पूरी तरह से मेहरबान है। सरकार ने होमगार्डों का मानदेय बढ़ाने के साथ बरसों पुरानी उनकी कई मांगों को स्वीकार करते हुए भत्तों में दोगुनी वृद्धि कर दी है। होमगार्ड जल्द ही एसडीआरएफ के सहायक के रूप में नजर आएंगे।
मुख्यमंत्री बनने के बाद से ही हरीश रावत होमगार्ड जवानों की उपयोगिता बढ़ाने के पक्षधर रहे हैं। होमगार्ड विभाग को प्रभावी बनाने के लिए उन्होंने कई घोषणाएं भी की हैं। हाल में ही सरकार ने होमगार्ड का मानदेय 350 रुपये प्रतिदिन से बढ़ाकर 450 रुपये कर दिया था। साथ ही, होमगार्ड जवानों की संख्या भी बढ़ाकर 6411 कर दी।
होमगार्ड विभाग का पुनर्गठन करते हुए 19 नए पद सृजित किए गए। इससे विभाग में स्टाफ का आंकड़ा 280 तक पहुंच गया है। विभाग के कर्मचारी लंबे समय से पौष्टिक आहार भत्ता बढ़ाने की मांग कर रहे थे, जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया है।
आहार और वर्दी भत्ते में भी वृद्धि
कंपनी कमांडर का पौष्टिक आहार भत्ता 900 से बढ़ाकर 1500, सहायक कंपनी कमांडर का भत्ता 700 से बढ़ाकर 1200 रुपये, अवैतनिक निरीक्षक का भत्ता 1275 और प्लाटून कमांडर का भत्ता एक हजार रुपये कर दिया है। जबकि हवलदार का भत्ता 1500 और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का भत्ता 1350 रुपये कर दिया गया है।
वर्दी भत्ते में भी वृद्धि की गई है। पहले राजपत्रित अधिकारियों को वर्दी भत्ते के रुप में 1800 रुपये मिलते थे, जिसे बढ़ाकर अब 3075 रुपये कर दिया है। यह भत्ता अब सात साल के बजाय अब हर तीन साल बाद मिलेगा। धुलाई भत्ता 60 रुपये से बढ़ाकर 120 रुपये किया गया है।
शासन ने होमगार्ड विभाग की बरसों पुरानी कई मांग स्वीकार करने के साथ नए पद सृजित किए हैं। पौष्टिक आहार, धुलाई भत्ता बढ़ाने के साथ मिनिस्टीरियल संवर्ग नियमावली में परिवर्तन किया गया है। होमगार्ड जल्द ही एसडीआरएफ टीम के साथ सहायक की भूमिका में नजर आएंगे।
राम सिंह मीणा, पुलिस महानिदेशक प्रशासन