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Himalaya Diwas 2020: कोरोना संक्रमण के कारण हुआ लॉकडाउन हिमालय क्षेत्र के लिए बना संजीवनी
Wed, 09 Sep 2020 12:46 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, गोपेश्वर
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Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Wed, 09 Sep 2020 12:46 PM IST
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कोरोना संक्रमण के कारण हुआ लॉकडाउन हिमालय क्षेत्र के लिए संजीवनी बना। इस समय हिमालयी क्षेत्र में बुग्याल, वनस्पति, फूल खूब खिले हैं और इन क्षेत्रों में प्लास्टिक सहित अन्य तरह का कचरा भी नहीं दिख रहा है।
Himalaya Diwas 2020: हिमालय संरक्षण के 10 साल का सफर पूरा, इस मुहिम में अब सबको साथ लाने की बनेगी रणनीति
चमोली जिले के प्रमुख धार्मिक और पर्यटक स्थल हिमालयी क्षेत्र में हैं। यहां बदरीनाथ, माणा, सतोपंत, रुद्रनाथ, क्वांरीपास, औली, सप्तकुंड, दुग्ध कुंड, लार्ड कर्जन ट्रैक, वेदनी बुग्याल, होम कुंड, फूलों की घाटी, गोरसो बुग्याल, मलारी आदि स्थान हैं और हर साल गर्मियों में लाखों की संख्या में लोग आते हैं, जिसका असर इन क्षेत्रों की वनस्पति और बुग्यालों पर पड़ता है।
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इस साल लॉकडाउन के कारण कम मानवीय हस्तक्षेप के कारण इन क्षेत्रों में इस समय बहार आई हुई है। वहीं हिमालय क्षेत्र में पड़ने वाले पर्यावरणीय प्रभाव भी कम हुए हैं। पर्यावरणविद चंडीप्रसाद भट्ट का कहना है कि लॉकडाउन से बुग्यालों को नया जीवन मिला है। हिमालय रेंज पर शोध की जरूरत है। इस समय का अध्ययन भविष्य में हिमालय के लिए बनने वाली योजनाओं का आधार होगा।
मदमहेश्वर को करेंगे प्लास्टि फ्री जोन
तुंगनाथ और रुद्रनाथ को प्लास्टिक फ्री जोन बनाया गया है। अब द्वितीय केदार मदमहेश्वर में भी जल्द प्लास्टिक बैन किया जाएगा। - अमित कंवर, डीएफओ केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग
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इस साल लॉकडाउन के कारण कम मानवीय हस्तक्षेप के कारण इन क्षेत्रों में इस समय बहार आई हुई है। वहीं हिमालय क्षेत्र में पड़ने वाले पर्यावरणीय प्रभाव भी कम हुए हैं। पर्यावरणविद चंडीप्रसाद भट्ट का कहना है कि लॉकडाउन से बुग्यालों को नया जीवन मिला है। हिमालय रेंज पर शोध की जरूरत है। इस समय का अध्ययन भविष्य में हिमालय के लिए बनने वाली योजनाओं का आधार होगा।
मदमहेश्वर को करेंगे प्लास्टि फ्री जोन
तुंगनाथ और रुद्रनाथ को प्लास्टिक फ्री जोन बनाया गया है। अब द्वितीय केदार मदमहेश्वर में भी जल्द प्लास्टिक बैन किया जाएगा। - अमित कंवर, डीएफओ केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग