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HC का आदेश, केंद्र सरकार छह माह में बनाए राष्ट्रीय वन नीति

Tue, 20 Dec 2016 03:44 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नैनीताल
ब्यूरो/ अमर उजाला, नैनीताल Updated Tue, 20 Dec 2016 03:44 AM IST
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high court order to make national forest policy.
गर्मी में जंगलों में आग बड़ी समस्या है। - फोटो : अमर उजाला

हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को छह माह में राष्ट्रीय वन नीति बनाने और राज्य सरकार को नेशनल पार्कों, अभ्यारण्यों के दस किलोमीटर दायरे में निर्माण कार्य पूरी तरह से प्रतिबंधित करने का आदेश दिया।

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कोर्ट ने वनाग्नि की रोकथाम के लिए गर्मियों में प्रदेश में दस हजार फायर वॉचर तैनात करने, वनाग्नि पर नियंत्रण न कर पाने पर वनाधिकारियों को निलंबित करने और वन विभाग का फील्ड स्टाफ तीस प्रतिशत बढ़ाने का आदेश दिया। इस के साथ ही प्रदेश में वन्य जीवों को आदमखोर घोषित कर मारने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है।
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सोमवार को वरिष्ठ न्यायमूर्ति राजीव शर्मा और आलोक सिंह की खंडपीठ ने वनाग्नि, वन्य जीव सुरक्षा और वन संरक्षण को लेकर सख्त रुख अपनाया। पूर्व में खंडपीठ ने वनाग्नि से संबंधित याचिका पर सुनवाई करने के बाद निर्णय सुरक्षित रख लिया था। सोमवार को खंडपीठ ने 93 पेज के आदेश में आदेश जारी करते हुए खंडपीठ ने कहा कि खुद को बचाने के लिए हमें जंगलों को बचाना होगा। वर्तमान पीढ़ी को वन संपदा को नष्ट करने देकर बच्चों से उनका भविष्य नहीं छीना जा सकता। 

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हाईकोर्ट के फैसले के मुख्य बिंदु

high court order to make national forest policy.
नैनीताल हाईकोर्ट - फोटो : PTI

राष्ट्रीय वन नीति बनाएं
-वन भूमि पर अतिक्रमण करने वाले वन गुजरों को आदेश के दिन से एक साल के अंदर हटाया जाए।   
-केंद्र सरकार छह माह में जिम कार्बेट पार्क सहित प्रदेश के अन्य नेशनल पार्क और अभ्यारण्यों के दस किलोमीटर के दायरे में इको सेंसेटिव जोन घोषित करे। जोन घोषित होने तक नेशनल पार्कों और अभ्यारण्यों के दस किलोमीटर के दायरे में कोई भी व्यक्ति या संस्था किसी भी तरह का निर्माण कार्य नहीं करेगी। 
- केंद्र सरकार छह माह के अंदर वन प्रबंधन, संरक्षण, सतत विकास और फोरेस्ट कवर को बनाए रखने एवं बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय वन नीति घोषित करेगी। राष्ट्रीय वन नीति का अन्य आर्थिक नीतियों से समन्वय भी होना चाहिए। 
- उत्तराखंड में जिम कार्बेट सहित अन्य नेशनल पार्कों और अभ्यारण्यों में कोई भी नई सड़क बनाने पर पूरी तरह से रोक
 
हाथियों की सुरक्षा...
- हाथियों को बिजली की चपेट में आने से बचाने के लिए वर्ष 11 नंवबर 2009 को जारी की गई अधिसूचना का पालन पूरी तरह से किया जाए।
-राज्य सरकार वन्य जीवों और वन से संबंधित कानूनों को और अधिक सख्त बनाने के लिए इनमें जरूरी संशोधन करे। अवैध रूप से शिकार करने वालों के खिलाफ आजीवन कारावास तक का प्रावधान करे।
-हाथियों को बचाने के लिए वन विभाग और रेलवे विभाग समन्वय बनाए। नेशनल पार्क क्षेत्र में ट्रेन की गति सीमा 30 किलोमीटर प्रति घंटे तक ही रखी जाए। 

जंगल की आग से बचाने के लिए सरकार करे उपाय

high court order to make national forest policy.
नैनीताल उच्च न्यायालय - फोटो : ‌file photo

-प्रदेश में गर्मी के मौसम में दस हजार फायर वॉचर नियुक्त किए जाए और वनाग्नि की निगरानी के लिए टावरों की संख्या बढ़ाई जाए।
-फॉरेस्ट फॉयर रेंज को हर तीन माह में व्यवस्थित किया जाए।
-राज्य सरकार पूर्व चेतावनी तंत्र व्यवस्था को दुरुस्त करे।
-एसडीआरएफ और एनडीआरएफ में जवानों की संख्या बढ़ाकर इन बलों को मई, जून और जुलाई में जंगल में आग पर नियंत्रण के लिए तैनात करे।
-24 घंटे के अंदर जंगल की आग पर काबू न पाने पर डीएफओ, 48 घंटे में वन संरक्षक और 72 घंटे में प्रमुख वन संरक्षक को निलंबित किया जाए और इनके खिलाफ आग पर नियंत्रण न कर पाने की एवज में अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाए।
- जरूरी कानून बनाकर जानबूझकर कर जंगल में आग लगाने वाले के खिलाफ सख्त रुख अपनाया जाए।
- राज्य सरकार छह माह के अंदर वनाग्नि से फसल का नुकसान उठाने वाले किसानों के मुआवजे की नीति बनाए।
-वन विभाग में वन रक्षक, वन दरोगा, रेंजर, एसडीओ और डीएफओ(फील्ड स्टाफ) के पदों में तीस प्रतिशत तक वृद्धि करें

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