रामदेव के भाई अभी रहेंगे जेल में, हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब
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नैनीताल हाईकोर्ट ने मारपीट के मामले में पतंजलि फूड हर्बल पार्क पदार्थ के मालिक रामभरत की जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई और वीडियो फुटेज देखने के बाद सरकार को दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
मामले की अगली सुनवाई के लिए 15 जुलाई की तिथि नियत की है। न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
मामले के अनुसार रामभरत ने हाईकोर्ट में जमानत प्रार्थना पत्र दायर कर कहा कि बीती 27 मई को धर्मेंद्र सिंह चौहान ने थाना पथरी जिला हरिद्वार में एफआईआर दर्ज कराई, जिसमें उनके (रामभरत), पतंजलि हर्बल फूड पार्क के मैनेजर योगेश कुमार, अनिल गोस्वामी, सुरक्षा गार्ड तथा 30-40 व्यक्तियों ने एकजुट होकर सड़क पर उनके साथ मारपीट तथा जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया गया।
कोर्ट ने चैंबर में देखा घटना का वीडियो
एफआईआर के मुताबिक याचिकाकर्ता द्वारा तोड़फोड़ कर ट्रकों को क्षति पहुंचाई। इस घटना में घायल दलजीत सिंह की उपचार के दौरान मौत हो गई। इसके बाद याचिकाकर्ता की ओर से निचली अदालत में जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था।
याचिकाकर्ता ने निचली अदालत के इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने सरकार को वीडियो फुटेज दिखाने के निर्देश दिए थे।
कोर्ट के आदेश के क्रम में कोर्ट चैंबर में वीडियो फुटेज देखने के बाद न्यायमूर्ति ने सरकार को दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए। मामले की अगली सुनवाई के लिए 15 जुलाई की तिथि नियत की है।