पहाड़ में बारिश का कहर कुछ कम, केदारधाम पैदल यात्रा शरू
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पहाड़ में बारिश का कहर कुछ हुआ तो शनिवार को रुकी केदारनाथ की पैदल यात्रा रविवार की सुबह शुरू हो गई। रविवार को सोनप्रयाग से 320 तीर्थयात्रियों को पैदल मार्ग से रवाना किया गया।
उधर, बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ में बंद है, लेकिन पैदल यात्रा सुचारू है। रविवार को सुबह 11 बजे तक 136 यात्रियों ने भगवान बदरी के दर्शन किए। रिमझिम बारिश के बीच हेमकुंड यात्रा भी जारी है। गोविंदघाट से 184 यात्री घंघरिया के लिए रवाना हुए हैं।
शनिवार को केदार धाम की पैदल यात्रा रोक दी गई। मौसम खराब होने से यात्रियों को सोनप्रयाग से आगे नहीं जाने दिया गया। हालांकि हेलीकाप्टर से 41 यात्री धाम में दर्शन कर अपने गंतव्य को लौट गए थे। बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब की यात्रा जारी रही।
शनिवार दोपहर को बैनाकुली में बदरीनाथ हाईवे के छोटे वाहनों की आवाजाही के लिए खुलने के बाद 267 तीर्थयात्री अपने वाहनों से बदरीनाथ पहुंचे। 180 तीर्थयात्री इससे पहले ही एक किमी की पैदल सफर तय कर धाम पहुंचे।
हेमकुंड साहिब यात्रियों में भी यात्रा को लेकर खासा उत्साह दिखा। शनिवार को गोविंदघाट से 275 तीर्थयात्री रवाना होकर शाम चार बजे घांघरिया पहुंचे थे। जबकि 231 तीर्थयात्री हेमकुंड साहिब दरबार में माथा टेककर घरों को लौट गए।
बदरीनाथ हाईवे के जगह-जगह बाधित होने से यात्रियों और आम लोगों को फजीहत झेलनी पड़ रही है। शनिवार को सिरोहबगड़ में हाईवे के सात घंटे अवरुद्ध होने से यात्रियों के साथ ही बूढ़े, बच्चे और बीमार भी यहां फंसे गए थे।
टिहरी झील का जलस्तर बढ़ा, यूपी में बाढ़ के हालात
टिहरी जिले में झील का जलस्तर बढ़ने पर टीएचडीसी ने लोगों को झील के आसपास और नदी तटबंधों के नजदीक न जाने की सलाह दी है। झील का जल स्तर शनिवार शाम तक आरएल 762 मीटर पहुंच गया है। उधर कालागढ़ में रामगंगा बांध का जलस्तर लगातार बढ़ने से उत्तर प्रदेश के तटवर्ती इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा होने लगे हैं।
पहाड़ के तमाम हिस्सों में लगातार हो रही बारिश अब तबाही मचा रही है। पौड़ी जिले के खिर्सू ब्लाक के सिंगोरी गांव और पाबो ब्लाक के सीकू गांव में एक-एक मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। नौ परिवारों को सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट कर दिया गया है।
उत्तरकाशी जिले के नौगांव ब्लाक के कुपड़ा गांव में बारिश से दो मकानों की दीवारें क्षतिग्रस्त हो गई। प्रभावित परिवार पड़ोसियों के यहां शरण लिए है। चमोली जिले में नैनीताल हाईवे कर्णप्रयाग में भटोली के पास पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा आने से छह घंटे बंद रहा। इस दौरान नैनीताल, हल्द्वानी, रामनगर और गैरसैंण जाने वाले यात्री फंसे रहे।
गंगा का जलस्तर बढ़ा, अलर्ट जारी
पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में 24 घंटे से जारी बारिश से गंगा का जलस्तर बढ़ गया है। प्रशासन ने तटवर्तीय क्षेत्रों का दौरा कर ग्रामीणों को अलर्ट कर दिया है।
शुक्रवार दोपहर से शुरू बारिश शनिवार देर शाम तक जारी रही। शुक्रवार शाम छह बजे जलस्तर 292.30 मीटर रिकार्ड किया गया था शनिवार शाम यह बढ़कर 293.80 मीटर (खतरे का निशान 294 मीटर) तक पहुंच गया। यूपी सिंचाई विभाग के एसडीओ एमके सिंह ने बताया कि पहाड़ों में बारिश जारी रहने की सूचना है।
इससे जलस्तर बढ़ने की पूरी संभावना है। प्रशासन को इससे अवगत करा दिया गया है। तहसीलदार दिनेश मोहन उनियाल ने गंगा के तटवर्तीय क्षेत्रों का दौरा कर ग्रामीणों को अलर्ट कर दिया है। डीएम एचसी सेमवाल ने बताया कि बाढ़ नियंत्रण चौकियों, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस सहित सभी विभागों को अलर्ट रहने के दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के आदेश
गंगा का जलस्तर बढ़ने से हरिद्वार के बैरागी कैंप, चंडीघाट पुल के नीचे, भूपतवाला, श्यामपुर और कांगड़ी गांव में रहने वालों लोगों को प्रशासन ने शनिवार देर शाम सुरक्षित स्थानों पर जाने के आदेश जारी कर दिए हैं। तहसीलदार ने बताया कि किसी अप्रिय घटना के लिए अब इस क्षेत्र के लोग स्वयं जिम्मेदार होंगे।