फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Headquarters of Forest Protection Force to be transferred

पहाड़ों में स्थानांतरित किया जाए वन सुरक्षा दल का मुख्यालय

Thu, 18 Jul 2019 01:45 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 18 Jul 2019 01:45 AM IST
विज्ञापन
Headquarters of Forest Protection Force to be transferred
चकराता वन प्रभाग के अंतर्गत गठित वन सुरक्षा दल का मुख्यालय जलालिया से जौनसार बावर क्षेत्र के पहाड़ी अंचलों में शिफ्ट करने की मांग पर वन कर्मचारी संघ से जुड़े कर्मचारियों ने कालसी स्थित डीएफओ कार्यालय में धरना दिया। कर्मचारियों ने मांग पर शीघ्र कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
विज्ञापन

वन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष जगतराम जोशी ने कहा की चकराता वन प्रभाग का 90 प्रतिशत वन क्षेत्र कनासर, मोल्टा, देवघार रेंज में आता है। जहां पर वन सुरक्षा दल की सबसे ज्यादा जरूरत है, लेकिन अपने निजी हितों के लिए इस दल का मुख्यालय जलालिया में स्थापित किया गया है। जहां पर नाम मात्र के जंगल हैं। सचिव सुधीर भट्ट ने कहा कि दल का मुख्य काम जंगलों के अवैध पातन और अवैध खनन से रक्षा करना है। जो तभी संभव है जब इसका मुख्यालय वन क्षेत्रों के बीचों बीच स्थापित हो। कहा कि जब तक सुरक्षा दल का मुख्यालय प्रभाग के उच्च क्षेत्र में स्थापित नहीं होता। उनका आंदोलन जारी रहेगा।
विज्ञापन

वहीं, वन संरक्षक यमुना वृत्त जीवन चंद्र जोशी ने कहा कि मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। प्रदर्शन करने वालों में हरपाल नेगी, कृष्ण दत्त ममगाईं, जाकिर खान, जगदीश, संतराम, वीर सिंह नेगी, सत्येंद्र रावत, मनोज कुकरेती, दिनेश सिंह, सुशील, सागर आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

----
पूर्व में भी विवादों में रहा है वन सुरक्षा दल
कालसी। चकराता वन प्रभाग के अंतर्गत गठित यह वन सुरक्षा दल पूर्व में भी विवादों में रहा है। पूर्व में इस सुरक्षा दल को खनन सचल दल का नाम दिया गया था। जिसे बीते एक वर्ष पूर्व कर्मचारियों के विरोध के बाद मुख्य वन संरक्षक ने भंग कर दिया। दल में शामिल कर्मचारियों को विभाग में अन्य स्थानों पर समायोजित करने के निर्देश दिए थे, लेकिन निर्देशों के इतर इन कर्मचारियों को फिर से एक वन सुरक्षा दल गठित कर उसमें शामिल कर दिया गया। तब भी कर्मचारियों ने इसका जोर-शोर से विरोध किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed